उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल में यूपी के स्कूलों की कायाकल्प की कहानी बताई है. उन्होंने मथुरा में आयोजित पंचायत आजतक में कहा कि उन्हें खुशी है कि यूपी में स्कूल ड्रॉपआउट रेट को हमने 19-20 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत से नीचे कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कोई स्कूल कॉलेज बंद नहीं किया. बल्कि इसे अपग्रेड किया है.
सीएम योगी ने कहा कि अगर 2017 से पहले यूपी में किस तरह का माहौल हो चुका था. बेसिक शिक्षा में हालत खराब थी. स्कूल के भवन जर्जर थे, विद्यालय का भवन है तो शिक्षक नहीं है, शिक्षक है तो सुविधा नहीं है. सुविधा नहीं थी तो छात्र भी नहीं होते थे. बालक बालिकाओं के लिए ड्रॉपआउट रेट 19 से 20% थे.
सीएम ने कहा कि जब राज्य की बागडोर उनके हाथ में आई तो उन्होंने पूछा कि इतने ज्यादा बच्चे स्कूल क्यों छोड़ देते हैं. क्या कारण है? इसका जवाब मिला. उन्होंने कहा, "मैंने प्रदेश का दौरा किया. पूरे प्रदेश भर का दौरा करने के बाद मैं इस बात को मानता था की बेसिक शिक्षा परिषद के उन स्कूलों में जो बच्चे आते भी थे, नंगे पैर आते थे, फटे हुए कपड़े पहनकर आने के लिए मजबूर थे, नंगे पैर चलते थे. स्कूल में संसाधन नहीं थे. बालक और बालिकाओं के लिए टॉयलेट अलग अलग नहीं था. पेयजल की सुविधा नहीं थी."
उन्होंने कहा कि बच्चे अपने घर से ही टाट लेकर के आते थे और उसी पर बैठने के लिए मजबूर होते थे. तो मैंने 2017 में ऑपरेशन कायाकल्प के नाम पर एक अभियान चलाया और मैंने हर जनप्रतिनिधि से इस बारे में अनुरोध किया कि आप एक-एक विद्यालय को गोद लो. पुराने छात्रों से भी मैंने अपील की और कहा कि आप भी एक-एक संस्थाओं को गोद लो, सभी अधिकारियों से मैंने कहा एक-एक विद्यालय को गोद लो.
सीएम ने कहा कि उन्हें खुशी है कि 1,46,000 जो कुल बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय हैं उनमें से 1,36,000 का हमने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से उनके क्लासरूम की व्यवस्था दुरुस्त की, बालक बालिकाओं के लिए टॉयलेट की व्यवस्था की. पेयजल की सुविधा दी. डिजिटल लाइब्रेरी दी, स्मार्ट क्लास दिए. फर्नीचर उपलब्ध करवाए.
सीएम योगी ने कहा कि आज हमारी सरकार 1,60,00,000 बच्चों को ये सुविधा उपलब्ध करवा रही है. ड्रॉपआउट रेट जो 19 से 20% था अब घटकर 3% से नीचे रह गया है. उत्तर प्रदेश के अंदर कस्तूरबा गांधी विद्यालय जहां छठी क्लास से लेकर 8वीं क्लास तक कक्षाएं चलती थीं उसे अपग्रेड कर 12वीं तक कर दिया गया.
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये जो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बोलती है कि स्कूल बंद हो गए है, उनको ये पता ही नहीं की वो बंद नहीं हुई बल्कि उनको अपग्रेड किया गया है.
सीएम योगी ने कहा कि अब हम एक नया मॉडल लेकर आए हैं. वो मॉडल है- पीएम श्री विद्यालय का और दूसरा सीएम कंपोजिट विद्यालय का. सीएम कंपोजिट विद्यालय में पहली क्लास से लेके 12वीं क्लास तक की पढ़ाई हम इंटीग्रेटेड कैंपस हम उपलब्ध करवाने जा रहे हैं.
लगभग 15 एकड़ क्षेत्रफल में सभी प्रकार की सुविधाएं बच्चों के लिए होंगी. जहां कम से कम 1500 से 2,000 बच्चे होंगे. और कम से कम 100 से लेकर 120 शिक्षक भी होंगे जो अलग अलग स्ट्रीम से जुड़े हुए होंगे और वे उन बच्चों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे.
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