बीजेपी युवा मोर्चा की नई टीम में यूपी के 3 लड़के, मिशन 2027 के लिए इन समीकरणों पर नजर

भारतीय जनता युवा मोर्चा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के युवा चेहरों को अहम जिम्मेदारियां देकर बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी सियासी और सामाजिक समीकरणों को और मजबूत करने का बड़ा संदेश दिया है.

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बीजेपी युवा मोर्चा में यूपी की तीन नेताओं को मिली जगह (Photo-ITG) बीजेपी युवा मोर्चा में यूपी की तीन नेताओं को मिली जगह (Photo-ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST

उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को देखते हुए राज्य का राजनीतिक पारा अभी से चढ़ने लगा है. बीजेपी से लेकर सपा और बसपा तक, सभी दलों का मुख्य फोकस 'मिशन युवा' पर है. युवा वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए सियासी दलों में रणनीतिक होड़ शुरू हो चुकी है. बीजेपी ने दशहरे के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है.

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राष्ट्रीय राजनीति की धुरी कहलाने वाले उत्तर प्रदेश का सियासी महत्व बीजेपी के संगठनों में लगातार बढ़ा है. पिछले दिनों बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में जहां यूपी के आठ चेहरों को शामिल किया गया, तो अब भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय टीम में भी प्रदेश के हिस्से महामंत्री, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष जैसे बड़े पद आए हैं.

चुनावी राज्य होने के नाते बीजेपी ने बहुत सधा हुआ कदम उठाने का प्रयास किया है. राष्ट्रीय संगठन में बीजेपी ने यूपी के युवा नेताओं को अहम पद देकर क्षेत्रीय, सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की मजबूत कोशिश की है.

भाजयुमो राष्ट्रीय टीम में यूपी का दबदबा

बीजेपी ने भाजयुमो की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं. अयोध्या के रहने वाले हर्षवर्धन सिंह को युवा मोर्चा का महामंत्री बनाया गया है. हर्षवर्धन भाजयुमो की प्रदेश टीम में भी महामंत्री रहे हैं. उन्हें प्रदेश युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनने का प्रबल दावेदार बताया जा रहा था, लेकिन यह बाजी रोहित मिश्रा के हाथ लगी.

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पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के करीबी निखिल मणि त्रिपाठी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. निखिल की नियुक्ति के बाद देवरिया की स्थानीय राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो गई है और विधायक शलभमणि त्रिपाठी के सामने एक नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है. मेरठ के मूल निवासी और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय विनीत वत्स त्यागी को भाजयुमो का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है.

सामाजिक और जातीय समीकरणों पर जोर

युवा चेहरों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ बीजेपी ने पार्टी के विभिन्न मोर्चों पर भी सधी हुई नियुक्तियां की हैं. इससे पहले बीजेपी राष्ट्रीय संगठन में हरीश द्विवेदी और स्मृति ईरानी को महामंत्री, तारिक मंसूर और रेखा वर्मा को उपाध्यक्ष, भोला सिंह और संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री बनाकर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक ताकत का सम्मान किया है. इससे साफ कर दिया गया है कि दिल्ली का सिंहासन पाना है तो यूपी का समीकरण मजबूत रखना होगा.

बीजेपी ने अमरपाल मौर्य को राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा की कमान सौंपी है, जबकि कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है. इन नियुक्तियों के जरिए बीजेपी बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने और विपक्ष के प्रभाव को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रही है. इसके अलावा बीजेपी ने युवा मोर्चा के जरिए अवध से लेकर पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी तक को साधने का बड़ा दांव चला है.

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विपक्षी दल भी युवाओं को साधने में जुटे

विपक्षी दल भी इस मामले में पीछे नहीं हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद लगातार युवाओं से मुलाकात कर रहे हैं. इन दिनों स्कूल-कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में युवा संपर्क की रणनीति के जरिए सपा युवाओं के बीच अपनी सक्रियता और पैठ तेजी से बढ़ाने में जुटी है.

बसपा ने भी आकाश आनंद को एक बार फिर से पार्टी में अहम भूमिका में लाकर युवाओं को अपने पक्ष में करने का बड़ा दांव चला है. इसके अलावा अन्य युवा नेताओं के माध्यम से भी युवा वर्ग तक सीधी पहुंच बनाने की तैयारी है. ऐसे में आगामी 2027 के रण को फतह करने के लिए उत्तर प्रदेश में युवा मतदाताओं का यह समर्थन ही तय करेगा कि किस दल की रणनीति जमीन पर सबसे ज्यादा असरदार साबित होती है.

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