बीजेपी की टीम रिशफलिंग में छिपा है 2027 से 2029 तक का चुनावी प्लान! समझें कैसे

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित कार्यकारिणी के माध्यम से पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से लेकर 2029 के लोकसभा चुनावों तक के लिए अपनी संगठनात्मक तैयारी मजबूत कर ली है. इस नई टीम में 51 नए चेहरों और वरिष्ठ नेताओं के समावेश के साथ-साथ क्षेत्रीय, सामाजिक और लैंगिक संतुलन साधने का प्रयास किया गया है.

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पीएम मोदी और नितिन नवीन की सियासी केमिस्ट्री (Photo-ITG) पीएम मोदी और नितिन नवीन की सियासी केमिस्ट्री (Photo-ITG)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 18 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:19 AM IST

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. संगठन से बड़ी संख्या में पुराने चेहरों की छुट्टी कर दी गई है. 'टीम नवीन' में युवा और अनुभवी नेताओं के बेहतरीन संतुलन के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों को साधने की स्पष्ट छाप दिख रही है.

नितिन नवीन द्वारा गठित इस नई टीम में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव पर खास फोकस रखा गया है. इसी चुनावी रणनीति के तहत राज्यों के प्रमुख नेताओं को संगठन में तरजीह देकर एक धारदार और सुव्यवस्थित ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है.

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बीजेपी की इस नई टीम में कुल 65 पदाधिकारी बनाए गए हैं, जिनमें 12 महिलाओं को स्थान मिला है. संगठन में 14 पुराने नेताओं को बरकरार रखा गया है, जबकि 51 नए चेहरों को मौका दिया गया है. 2027 में चुनाव वाले राज्यों से 18 नेताओं को शामिल किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश का सबसे ज्यादा दबदबा है.

2027 के चुनावी राज्यों पर बीजेपी का फोकस

आगामी विधानसभा चुनावों, विशेषकर 2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए 7 राज्यों में से 4 प्रमुख चुनावी राज्यों के नेताओं को संगठन में जगह दी गई है. इनमें उत्तर प्रदेश से 8, उत्तराखंड से 4, गुजरात से 4 और पंजाब से 2 यानी कुल 18 चेहरे शामिल हैं; जबकि गोवा, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश से किसी को स्थान नहीं मिला है.

टीम में उत्तर प्रदेश का वर्चस्व स्पष्ट रूप से दिखता है, जहां से दो उपाध्यक्ष, दो राष्ट्रीय महासचिव, दो राष्ट्रीय मंत्री और दो मोर्चों के अध्यक्ष बनाए गए हैं. यूपी से तारिक मंसूर और रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव, डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है. इसके अलावा अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

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उत्तराखंड से पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महेंद्र पांडे को राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री, अनिल बलूनी को मीडिया संयोजक और आलोक भट्ट को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है. पंजाब से पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और तरुण चुघ को राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी का जिम्मा सौंपा गया है.

गुजरात से चार नेताओं को अहमियत मिली है; वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, जगदीश ईश्वरभाई पटेल और रोहन गुप्ता को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है, जबकि युवा मोर्चे की कमान भी जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सौंपी गई है. नितिन नवीन को इस युवा व अनुभवी टीम को फ्रंट से लीड करना होगा ताकि उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों में पार्टी का परचम फिर लहराया जा सके.

बीजेपी ने रखी मिशन 2029 की आधारशिला

'टीम नवीन' में 2029 के आम चुनावों के मद्देनजर युवा चेहरों, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक व क्षेत्रीय वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व दिया गया है. इस ढांचे में 13 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव, 1 संगठन महासचिव, 2 सह-संगठन महासचिव, 16 सचिव शामिल हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को फिर से राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है.

राष्ट्रीय महासचिव के रूप में स्मृति ईरानी, विप्लव कुमार देव, सतीश पूनिया, हरीश द्विवेदी, गजेंद्र पटेल और संजय भाटिया को अहम जिम्मेदारी दी गई है, वहीं विनोद तावड़े और सुनील बंसल को इस पद पर बरकरार रखा गया है. यह टीम सीधे तौर पर चुनावी प्रबंधन और जमीनी रणनीति की कमान संभालेगी.

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संघ के पूर्व प्रचारक राम माधव की उपाध्यक्ष के रूप में वापसी हुई है, जिनकी संगठनात्मक कुशलता का लाभ जम्मू-कश्मीर व पूर्वोत्तर में पार्टी को मिलेगा. उपाध्यक्ष पद पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी और तारिक मंसूर को शामिल कर क्षेत्रीय संतुलन साधा गया है. अनुभव के लिहाज से 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों को राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है.

आयु वर्ग के संतुलन को देखें तो 40 वर्ष से कम उम्र के 6 सदस्य, 40-49 आयु वर्ग के 15 और 50-59 वर्ष के 21 सदस्यों को स्थान दिया गया है. डिजिटल मोर्चे पर पकड़ मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को नया राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है.

सामाजिक समीकरण साधने का फॉर्मूला

नितिन नवीन ने आला नेताओं से चर्चा के बाद तमाम क्षेत्रों और समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए ये कोशिश की कि टीम में एक सामंजस्य बना रहे और देश भर में सही संदेश जाए. इ सीलिए नई कार्यकारिणी में सामाजिक, क्षेत्रीय और लैंगिक संतुलन साधने का प्रयास किया गया है. नई टीम में जातियों, सामाजिक वर्गों और धार्मिक समुदायों का प्रतिनिधित्व शामिल है.

अनुसूचित जनजातीय समुदाय के 4 सदस्यों को शामिल किया है. इसके अलावा कई दलित चेहरों को भी शामिल किया है.  सामान्य वर्ग और ओबीसी के नेताओं का संतुलन बनाए रखते हुए संगठन के उच्च पदों पर बैठाया है नई राष्ट्रीय टीम में कुल 6 अल्पसंख्यक नेताओं को स्थान मिला है, जिनमें 1 सिख, 2 ईसाई, 2 मुस्लिम, 1 जैन और 1 पारसी समुदाय से हैं.  

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उत्तर प्रदेश में अगडे नाराज है या फिर ब्राह्मण नाराज हैं. लेकिन नयी टीम मे उत्तर प्रदेश से आने वाले हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव बना कर चुनावों से पहले अगड़ों को भी एक संदेश दे दिया है. लगभग 40 फीसदी से ज्यादा नयी टीम के सदस्य वंचित समाज से है. अल्पसंख्यक समाज से आने वाले उत्तर प्रदेश के प्रोफेसर तारीक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. उत्तर प्रदेश के कुंवर बसित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है. सरदार मनप्रीत सिंह बादल  को उपाध्यक्ष बनाया गया है.
 

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