संगम नगरी प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी (TGT-PGT) भर्ती परीक्षा में पुरानी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है. शिक्षक दिवस (5 सितंबर) से लगातार आमरण अनशन पर बैठे छात्रों का आंदोलन अब एक बड़ा राजनीतिक और छात्र-संगठनों का मंच बनता जा रहा है. अनशन के 5वें दिन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी अभ्यर्थियों के बीच पहुंचीं और उनके इस संघर्ष को अपना पूर्ण समर्थन दिया.
इससे पहले, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह भी अनशन स्थल पर पहुंचकर छात्रों की मांगों को जायज ठहराते हुए अपना समर्थन दे चुके हैं.
5 सितंबर से भूख हड़ताल पर हैं 5 अभ्यर्थी
प्रयागराज में अनशन स्थल पर 5 सितंबर से तीन छात्र और दो छात्राएं अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं. लगातार कई दिनों से अन्न-जल त्यागे जाने के कारण अभ्यर्थियों का स्वास्थ्य भी बिगड़ने लगा है, लेकिन उनका साफ कहना है कि जब तक उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित आयोग पुरानी नियमावली को लागू करने का लिखित आश्वासन नहीं देते, वे पीछे नहीं हटेंगे.
...बात न मानी तो सड़कें जाम होंगी
अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने सरकार को कड़ा चेतावनी संदेश दिया है. अनशनकारी छात्रों का कहना है कि वे फिलहाल पूरी तरह से गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं. लेकिन अगर सरकार ने उनकी जायज मांगों की अनदेखी जारी रखी तो यह आंदोलन अनशन स्थल से निकलकर प्रयागराज और प्रदेश की सड़कों पर उतरेगा.
छात्रों ने साफ किया कि लाखों टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों की उपेक्षा का सीधा असर आगामी चुनावों में सरकार को भुगतना पड़ेगा. AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने अनशनकारियों से मुलाकात कर उनके जज्बे को सराहा और कहा कि रोजगार और पारदर्शी नियमावली छात्रों का बुनियादी हक है, जिसे किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता.
क्या है अभ्यर्थियों की मुख्य मांग?
प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि TGT-PGT परीक्षाओं में किए गए नए बदलावों से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है. छात्र मांग कर रहे हैं कि चयन प्रक्रिया को पुरानी पारदर्शी नियमावली के तहत ही पूरा किया जाए ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो. विपक्ष और प्रमुख छात्र संगठनों का एक साथ मैदान में उतरने से अब प्रयागराज का यह छात्र आंदोलन उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी गर्माने लगा है.
पंकज श्रीवास्तव