Patna NEET छात्रा मौत मामला: लिए गए 6 संदिग्धों के DNA सैंपल, क्या शंभू हॉस्टल में रेप हुआ था?

SIT की जांच में अब DNA सैंपल, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट अहम भूमिका निभा रही है. जांच के परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन जिम्मेदार है और छात्रा के साथ वास्तव में क्या हुआ. इस मामले से यह साफ हो गया है कि छात्राओं की सुरक्षा, हॉस्टल निगरानी और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना जरूरी है.

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  छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल में निगरानी कितनी पर्याप्त है? (Photo: ITG)  छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल में निगरानी कितनी पर्याप्त है? (Photo: ITG)

शशि भूषण कुमार

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  • 27 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:42 AM IST

पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला पूरे शहर में चर्चा में है. इस मामले की जांच SIT (Special Investigation Team) कर रही है और हाल ही में छह संदिग्धों के DNA सैंपल लिए गए हैं. सैंपल लेने की प्रक्रिया गर्दनीबाग हॉस्पिटल में पूरी की गई. इस दौरान मेडिकल टीम और मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे, ताकि सैंपल लेने में कोई गड़बड़ी न हो. सभी सैंपल सील करके FSL (Forensic Science Laboratory) को भेज दिए गए हैं. FSL में इन संदिग्धों के DNA का मिलान छात्रा की प्रोफाइल से किया जाएगा. इससे यह पता चलेगा कि इन संदिग्धों में से किसी का DNA छात्रा के शरीर पर मिला था या नहीं.

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संदिग्धों की पहचान और हॉस्टल संबंध
सूत्रों के मुताबिक, जिन छह लोगों का DNA लिया गया है, उनका शंभु गर्ल्स हॉस्टल में आना जाना था. घटना के समय ये लोग हॉस्टल के आसपास देखे गए. SIT ने उनकी कॉल डिटेल्स और लोकेशन डेटा भी हासिल कर जांच को आगे बढ़ाया है. इसके साथ ही CCTV फुटेज से भी SIT को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटना के समय हॉस्टल के पास कौन-कौन था और छात्रा की मौत कैसे हुई.

फॉरेंसिक रिपोर्ट से अहम जानकारी
फॉरेंसिक टीम ने SIT को जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें यह बात सामने आई है कि छात्रा के अंडरगार्मेंट में मेल स्पर्म मिला है. यह रिपोर्ट जांच में बड़ा सबूत माना जा रहा है. इस आधार पर जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ हो सकता है. परिवार पहले से ही इस बात का आरोप लगा रहे थे कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या हुई है.

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DNA सैंपल और जांच की प्रक्रिया
DNA सैंपल सील करके FSL भेजे गए हैं. FSL में इनका मिलान छात्रा की प्रोफाइल से किया जाएगा. इससे यह साबित या खारिज किया जाएगा कि कोई संदिग्ध घटना में शामिल था या नहीं. इस प्रक्रिया में कदम-दर-कदम फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि कोई भी गलती न हो. SIT ने यह सुनिश्चित किया है कि हर सैंपल साफ-सुथरे तरीके से लिया गया और मेडिकल तथा कानूनी प्रोटोकॉल का पालन किया गया.

SIT की जांच का फोकस

  • SIT इस समय निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान दे रही है.
  • DNA मिलान – छह संदिग्धों का DNA छात्रा के शरीर पर मिले DNA से मैच करता है या नहीं.
  • CCTV फुटेज – हॉस्टल और आसपास के इलाके में संदिग्धों की गतिविधियों की जांच.
  • कॉल डिटेल्स और लोकेशन डेटा – घटना के समय संदिग्ध कहां थे.
  • फॉरेंसिक सबूत – अंडरगार्मेंट में मिले स्पर्म और अन्य फॉरेंसिक ट्रेस.

इन सब बिंदुओं से SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या हुई है या नहीं.

परिजन और समाज की प्रतिक्रिया
परिवार पहले से ही इस बात का आरोप लगा रहा था कि छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की गई है. इस घटना ने पूरे शिक्षा जगत और समाज में चिंता पैदा कर दी है.
परिवार इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है. सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर भी इस मामले को लेकर गहरा रोष और चिंता देखने को मिल रही है.

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