ईरान ग्राउंड ऑपरेशन में फंस तो नहीं जाएगा अमेरिका? वापसी फिर कितनी हो जाएगी मुश्किल

मिडिल ईस्ट के एक्सपर्ट्स की चेतावनी है कि अमेरिका अगर ईरान की जमीन पर सैनिक उतारता है तो लंबे समय तक फंस सकता है. ईरान का विशाल क्षेत्र, पहाड़ी इलाके और गुरिल्ला युद्ध की क्षमता वापसी को बेहद मुश्किल बना देगी. यह इराक और अफगानिस्तान से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है.

Advertisement
ये तस्वीर अमेरिका और साउथ कोरिया के सैनिकों के युद्धाभ्यास का है लेकिन ईरान में अमेरिकी सैनिक जमीनी हमला करेंगे तो नजारा कुछ ऐसा ही होगा. (Photo: Getty) ये तस्वीर अमेरिका और साउथ कोरिया के सैनिकों के युद्धाभ्यास का है लेकिन ईरान में अमेरिकी सैनिक जमीनी हमला करेंगे तो नजारा कुछ ऐसा ही होगा. (Photo: Getty)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:42 PM IST

अमेरिका और इजरायल हवाई हमले कर रहे हैं. कुर्द लड़ाके बॉर्डर पर तैयार बैठे हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या अमेरिका ईरान में जमीन पर अपने सैनिक उतारकर ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर देगा? ईरान बहुत बड़ा देश है. उसका इलाका इराक से तीन गुना ज्यादा है. पहाड़ बहुत हैं. आबादी नौ करोड़ से ऊपर है. 

अगर अमेरिका सैनिक भेजता है तो ईरानी सेना सीधे लड़ाई नहीं करेगी. वे छिपकर हमला करेंगे. सड़कें उड़ाएंगे. लंबी गुरिल्ला जंग शुरू कर देंगे. ये तरीका अमेरिका के लिए बहुत महंगा और थकाऊ साबित हो सकता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: क्या अमेरिकी ग्राउंड ऑपरेशन से पहले कुर्द ईरान पर हमला करेंगे? तीन तरफा अटैक की तैयारी

एक्सपर्ट्स की चेतावनी – अमेरिका फंस सकता है

मिडिल ईस्ट के कई पुराने युद्ध विशेषज्ञ और राजनयिक अब खुलकर बोल रहे हैं कि अमेरिका इस जाल में आसानी से फंस सकता है. इराक और अफगानिस्तान के अनुभव याद दिलाते हुए एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि ईरान इन दोनों देशों से भी ज्यादा खतरनाक साबित होगा. 

यहां ईरान के पास शिया मिलिशिया का पूरा नेटवर्क है जो इराक, सीरिया और लेबनान तक फैला हुआ है. अगर अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरे तो ये मिलिशिया चारों तरफ से हमला कर सकते हैं. 

अमेरिका हवा से हमले तो कर सकता है लेकिन जमीन पर उतरना उसके लिए बहुत बड़ी गलती होगी. वे कहते हैं कि ईरान का भूगोल, मिसाइलें, ड्रोन और समुद्री ताकत अमेरिका को लंबे समय तक उलझाए रखेगी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: क्या ‘गॉडजिला’ आने वाला है! लद्दाख में सर्दी की मौत के बाद चर्चा तेज... वैज्ञानिक परेशान

वापसी का रास्ता कितना मुश्किल होगा?

एक्सपर्ट्स की राय में एक बार अमेरिका ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दे तो वापसी करना बहुत मुश्किल हो जाएगा. अगर ईरान की सरकार गिर भी गई तो वहां गृहयुद्ध शुरू हो सकता है. अलग-अलग गुट आपस में लड़ेंगे और अमेरिका को बीच में फंसना पड़ेगा. तेल की कीमतें आसमान छू लेंगी. खाड़ी देश प्रभावित होंगे.

चीन-रूस जैसे देश अमेरिका के खिलाफ खड़े हो सकते हैं. कई पुराने राजनयिक कह रहे हैं कि वापसी का खर्चा इराक से भी ज्यादा होगा – हजारों सैनिक, अरबों डॉलर और कई साल लग सकते हैं. वे चेतावनी देते हैं कि ईरान इराक या अफगानिस्तान नहीं है, यहां निकलना और भी कठिन होगा.

अमेरिका को ग्राउंड ऑपरेशन से दूर रहना चाहिए. वे कहते हैं कि हवाई हमले, आर्थिक दबाव और कुर्द जैसे स्थानीय लड़ाकों की मदद से ही ईरान को कमजोर किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: ईरान के वो 5 हथियार, जिनसे 28 दिन बाद भी दे रहा अमेरिका-इजरायल को चुनौती

अमेरिका जमीन पर उतरा तो जंग 10-15 साल चलेगा 

अमेरिका अगर जमीन पर उतरा तो यह युद्ध 10-15 साल तक चल सकता है. अंत में अफगानिस्तान जैसी जल्दबाजी वाली वापसी करनी पड़ेगी. ईरान में गुरिल्ला जंग अमेरिका की सेना को थका देगी. घरेलू राजनीति में भी भारी पड़ सकती है. सभी एक्सपर्ट एक बात पर सहमत हैं कि वापसी का रास्ता इतना पेचीदा होगा कि अमेरिका को सालों तक मिडिल ईस्ट में उलझे रहना पड़ेगा.

Advertisement

अमेरिका ईरान के ग्राउंड ऑपरेशन में फंस सकता है. वापसी का रास्ता बहुत मुश्किल और महंगा साबित होगा. पूरी दुनिया देख रही है कि अमेरिका इस बार कितनी समझदारी से आगे बढ़ता है. 

मिडिल ईस्ट के विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई और प्रॉक्सी हमलों से काम चलाना बेहतर है, जमीन पर उतरना अमेरिका के लिए नया जाल बन सकता है. अब देखना होगा कि अगले हफ्तों में अमेरिका क्या फैसला लेता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement