ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी जंग को लेकर बड़ा दावा किया है. IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहबी ने कहा कि अमेरिका इस जंग में हार चुका है, लेकिन उसमें अपनी हार स्वीकार करने की हिम्मत नहीं है. उन्होंने अमेरिका और इजरायल की हार को "ऐतिहासिक और अपमानजनक" बताया. IRGC ने कहा कि उसकी नई हथियार क्षमताओं से 'दुनिया हैरान रह जाएगी.'
मोहबी ने दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य और राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहा है. उन्होंने खास तौर पर कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोल सका. उनके मुताबिक, ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने क्षेत्र में अमेरिकी कमांड और लॉजिस्टिक्स सेंटर को निशाना बनाया, जिसके बाद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के जहाज फारस की खाड़ी से करीब 400 किलोमीटर दूर चले गए.
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IRGC ने दी लंबी जंग की चेतावनी
IRGC प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी खुफिया ठिकानों पर हमलों ने F-35 और पैट्रियट जैसे अमेरिकी हथियारों की कथित ताकत पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि IRGC लंबी जंग के लिए पूरी तरह तैयार है और भविष्य के संघर्ष में नए हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाली जंग का भूगोल बदल सकता है.
मोहबी ने कहा कि IRGC का अमेरिका के साथ कोई आधिकारिक या अनौपचारिक संपर्क नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की कूटनीतिक बातचीत की जिम्मेदारी सिर्फ ईरान के विदेश मंत्रालय की है.
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ईरानी अधिकारी ने यमन और लेबनान के प्रतिरोधी समूहों को अमेरिका या ईरान का प्रॉक्सी मानने से भी इनकार किया. मोहबी ने कहा कि ये संगठन अपने-अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर काम करते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की मिसाइलें सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उपकरणों को निशाना बना रही हैं, पड़ोसी देशों को नहीं.
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