रक्षा मंत्रालय 3 जुलाई को डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की अहम बैठक करने जा रहा है. यह बैठक नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और नए आर्मी-नेवी चीफ्स की मौजूदगी में होगी. बैठक में HAMMER एयर टू ग्राउंड मिसाइल, Verba एयर डिफेंस सिस्टम, MP-ATGM और स्यूडो सैटेलाइट्स जैसे बड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है. यह बैठक कई महीनों बाद हो रही है और भारतीय रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है.
MP-ATGM: स्वदेशी एंटी-टैंक मिसाइल को बड़ी मंजूरी
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण स्वदेशी प्रणाली मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MP-ATGM) है. यह मिसाइल DRDO द्वारा विकसित की गई है. भारतीय थलसेना को 100 लॉन्चर, 2300 मिसाइलें और 5 सिमुलेटर मिलेंगे. भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) इसे बनाएगा. प्रोजेक्ट की लागत 2600 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. रक्षा मंत्रालय निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी पार्टनर बनाने की योजना बना रहा है.
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हैमर मिसाइल: राफेल और तेजस की ताकत बढ़ेगी
DAC बैठक में HAMMER प्रिसिजन गाइडेड मुनिशन की 600 मिसाइलें खरीदने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा. ये मिसाइलें फ्रांस की सैफरन कंपनी की हैं, लेकिन भारत में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ मिलकर बनाई जाएंगी. लागत करीब 2400 करोड़ रुपये हो सकती है.
भारतीय वायु सेना इन मिसाइलों से राफेल और LCA तेजस विमानों को लैस करेगी, जबकि नौसेना राफेल-एम के लिए इस्तेमाल करेगी. ये मिसाइलें 2020 के गलवान संघर्ष के बाद इमरजेंसी खरीद के तहत पहले भी इंडक्ट की जा चुकी हैं. अब बड़े पैमाने पर खरीद से दुश्मन के टारगेट को सटीक हमला करने की क्षमता बढ़ेगी.
Verba VSHORAD: थलसेना की एयर डिफेंस मजबूत होगी
भारतीय थलसेना अपनी एयर डिफेंस को अपग्रेड करने के लिए रूसी मूल के Verba वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने जा रही है. यह Isla मिसाइल का एडवांस्ड वर्जन है.
ये सिस्टम भारतीय कंपनी अडानी डिफेंस लिमिटेड द्वारा भारत में ही बनाए जाएंगे. इससे थलसेना की कम ऊंचाई वाले हवाई हमलों से सुरक्षा बढ़ेगी. बैठक में सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो, कामिकाजी ड्रोन, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियों से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा होने वाली है.
इसके अलावा फिक्स्ड विंग स्यूडो सैटेलाइट्स और नेवल शिपबोर्न एरियल सिस्टम पर भी मंजूरी मिल सकती है. यह DAC बैठक नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल राजा सुब्रमणि, आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ और नेवी चीफ एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन की पहली बैठक होगी. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नई लीडरशिप स्वदेशी हथियारों को प्राथमिकता दे रही है.
मंजीत नेगी