एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन (Krishna Swaminathan) भारतीय नौसेना के वरिष्ठ चार सितारा फ्लैग अधिकारी हैं. वह 31 मई 2026 से भारतीय नौसेना के 27वें चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ (Chief of the Naval Staff) के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले वह पश्चिमी नौसैनिक कमान (Western Naval Command) के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और भारतीय नौसेना के 46वें वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
कृष्णा स्वामीनाथन का जन्म बेंगलुरु, कर्नाटक में हुआ. उनके पिता डी. स्वामीनाथन और माता शांता स्वामीनाथन दोनों शिक्षक थे. उन्होंने शुरुआती पढ़ाई बिशप कॉटन बॉयज स्कूल, बेंगलुरु से की. इसके बाद उन्होंने सैनिक स्कूल, बीजापुर में शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर पुणे स्थित नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) से स्नातक किया.
उन्होंने 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया. अपने शुरुआती वर्षों में उन्होंने मुंबई में सेवा दी और आईएनएस एलेप्पी (INS Alleppey) पर वॉचकीपिंग प्रशिक्षण पूरा किया. बाद में उन्होंने कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में विशेषज्ञता हासिल की. 1990 के दशक की शुरुआत में वह उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के एड-डी-कैंप (Aide-de-Camp) भी रहे.
अपने नौसैनिक करियर के दौरान उन्होंने आईएनएस विद्युत, आईएनएस विनाश, आईएनएस कुलिश और गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर आईएनएस मैसूर जैसे युद्धपोतों की कमान संभाली. वर्ष 2015 में उन्हें भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य का दूसरा कमांडिंग ऑफिसर बनाया गया. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू 2016 के दौरान भी इस पोत की कमान संभाली.
फ्लैग रैंक पर पदोन्नति के बाद उन्होंने दक्षिणी नौसैनिक कमान में चीफ स्टाफ ऑफिसर (ट्रेनिंग), फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग, पश्चिमी फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, फ्लैग ऑफिसर डिफेंस एडवाइजरी ग्रुप, चीफ ऑफ स्टाफ (वेस्टर्न नेवल कमांड), कंट्रोलर ऑफ पर्सोनल सर्विसेज और चीफ ऑफ पर्सोनल जैसे कई प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी पदों पर जिम्मेदारी निभाई.
1 मई 2024 को उन्होंने 46वें वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ का पद संभाला. इसके बाद 31 जुलाई 2025 को उन्हें पश्चिमी नौसैनिक कमान का फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ नियुक्त किया गया. 9 मई 2026 को भारत सरकार ने उन्हें अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त किया और 31 मई 2026 को उन्होंने भारतीय नौसेना के 27वें चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ के रूप में कार्यभार ग्रहण किया.
व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो उनकी पत्नी का नाम लैला स्वामीनाथन है. दंपति की दो बेटियां हैं. अपने सेवा काल के दौरान उन्हें वर्ष 2017 में विशिष्ट सेवा मेडल (VSM), वर्ष 2021 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और वर्ष 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) से सम्मानित किया गया.
3 जुलाई को DAC की बैठक में HAMMER मिसाइल, Verba एयर डिफेंस, MP-ATGM और स्यूडो सैटेलाइट्स को मंजूरी मिलने की उम्मीद है. ये सौदे भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना की ताकत बढ़ाएंगे.