एक जुलाई को जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें थलसेनाध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला. साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत के बाद उन्होंने अपने पहले संबोधन में सेना के भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप पेश किया. उन्होंने 'ड्यूटी, ऑनर और नेशन फर्स्ट' पर चलने का संकल्प लिया. शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि उनके बलिदान से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेंगी. यह बयान न सिर्फ भावुक था बल्कि सेना की नई नेतृत्वशैली की झलक भी दिखाता है.
VIJAY – आधुनिक सेना का व्यापक एजेंडा
जनरल सेठ ने सुरक्षा वातावरण की बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए सेना के आधुनिकीकरण पर जोर दिया. उन्होंने रक्षा मंत्री के 'डेकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन' मार्गदर्शन से प्रेरित होकर अपनी प्राथमिकताओं को VIJAY नाम में समेटा. यह एजेंडा सिर्फ शब्द नहीं बल्कि रणनीति है जो फ्यूचर वॉर के लिए सेना को तैयार करेगी.
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बदलते सुरक्षा परिदृश्य में क्या होना चाहिए?
आज विश्व में जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ रहे हैं. चीन की सीमा पर चुनौतियां, पाकिस्तान से आतंकवाद और समुद्री क्षेत्र में खतरे मौजूद हैं. ऐसे में जनरल सेठ का जोर तकनीकी रूप से सक्षम, बहु-क्षेत्रीय (multi-domain) और संयुक्त सेना पर बिल्कुल सही समय पर है. VIJAY एजेंडा प्रधानमंत्री के दिए गए 'VIJAY' सिद्धांत से जुड़ता है, जो 'जय' से 'विजय' की ओर ले जाता है.
पिछले थलसेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और पूर्व सेनाध्यक्षों के योगदान को स्वीकार करते हुए नए आर्मी चीफ ने निरंतरता बनाए रखने का संदेश दिया. यह सेना की परंपरा को मजबूत करता है. अग्निपथ योजना के तहत युवा सैनिकों को शामिल करने के साथ-साथ उनके कौशल विकास पर फोकस करना भविष्य के लिए अच्छा कदम है.
मंजीत नेगी