केरल लव जिहाद: हिंदू नाम अखिला से अपनी पढ़ाई पूरी करेगी हदिया

शिवराज होम्यापैथी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य केजी कन्नन ने कहा कि हदिया अपने हिंदू नाम अखिला अशोकन के साथ ही आगे की पढ़ाई करती रहेगी. हदिया मेडिकल कॉलेज में अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सलेम पहुंच गई है.

Advertisement
हदिया हदिया

मुकेश कुमार

  • कोच्चि,
  • 29 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 9:30 AM IST

लव जिहाद को लेकर चर्चा में आई केरल की हदिया एक मेडिकल कॉलेज में अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सलेम पहुंच गई है. यहां उसने अपने पति शफीन जहां से मिलने की इच्छा जताते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन से अपने पति से मिलने की अनुमति मांगी है. शिवराज होम्यापैथी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य केजी कन्नन ने कहा कि हदिया अपने हिंदू नाम अखिला अशोकन के साथ ही आगे की पढ़ाई करती रहेगी.

Advertisement

इससे पहले केरल पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच उसे लेकर कोयंबटूर से शिवराज होम्यापैथी मेडिकल कॉलेज पहुंची. सलेम कोयंबटूर से करीब 170 किलोमीटर दूर है. इस बीच वह वहां 11 महीने की होम्योपैथी इंटर्नशिप करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद हदिया को उसके माता-पिता की हिरासत से मुक्त कर दिया था. उससे पढ़ाई पूरी करने के लिए कहा था. कोर्ट पति के साथ जाने देने की हदिया की दरख्वास्त पर फिलहाल राजी नहीं हुई थी.

शिवराज होम्यापैथी मेडिकल कॉलेज परिसर में पहुंचने के शीघ्र बाद उसे प्रबंध निदेशक के कार्यालय में ले जाया गया. वह पीला स्कार्फ डाले हुई थी. करीब आधे घंटे बाद प्रबंध निदेशक के कार्यालय से निकलकर उसने कहा कि उसने अपने पति से मिलने की इजाजत मांगी है. आशा है कि कॉलेज इसकी इजाजत देगा. उसने कहा कि उसके लिए सुरक्षा की जरुरत नहीं है. इसके बाद पुलिस की गाड़ी से उसे छात्रावास ले जाया गया, जो 5 किमी दूर है.

Advertisement

प्राचार्य केजी कन्नन ने कहा कि उसकी प्रवेश प्रक्रिया शुरु हो गई है. वह कल से कक्षा में आएगी. हदिया के साथ छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राओं जैसा व्यवहार किया जाएगा. उसके साथ कोई विशेष व्यवहार नहीं किया जाएगा. शीर्ष अदालत ने कॉलेज के डीन को हदिया का अभिभावक नियुक्त किया था. उन्हें किसी भी मुश्किल की स्थिति में उससे संपर्क करने की छूट दी. पिछले कई हफ्ते से हदिया कोच्चि में अपने माता-पिता के पास थी.

सुप्रीम कोर्ट की ओर से हदिया को पढ़ाई पूरी करने की अनुमति मिलने पर उसके पिता केएम अशोकन के अपनी खुशी जताते हुए कहा कि हमारी बेटी आगे पढ़ सकेगी, इस फैसले का हम स्वागत करते हैं. सुप्रीम कोर्ट में पेशी के दौरान हदिया ने कहा था कि वो पति के साथ रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है. उन्होंने कहा कि वह एक धर्म और एक ईश्वर में विश्वास रखते हैं, लेकिन किसी आतंकवादी के साथ नाता नहीं रख सकते.

उन्होंने कहा कि 'हदिया को सीरिया के बारे में कोई जानकारी नहीं है, वह इस्लाम में परिवर्तित होकर वहीं जाना चाहती थी. मैं नहीं चाहता कि मेरे परिवार में कोई आतंकी हो’. सुप्रीम कोर्ट ने हदिया को होम्योपैथी की पढ़ाई पूरी करने के लिए अभिभावकों के संरक्षण से आजाद कर दिया गया. कोर्ट ने हदिया को तमिलनाडु के सलेम भेजने का आदेश दे दिया, ताकि वह पढ़ाई पूरी कर सके. ने हदिया को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »