तेलंगाना के कामारेड्डी जिले के एक गांव के रहने वाले 43 वर्षीय मोहम्मद अफजल खान की रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र के पास मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. अफजल खान रूसी सेना के साथ काम कर रहे थे. उनके परिवार को एक अन्य व्यक्ति के वॉयस मैसेज के जरिए उनकी मौत की खबर मिली है.
हालांकि, अभी तक उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पीड़ित परिवार भारतीय सरकार और रूस में मौजूद भारतीय दूतावास से इस मामले में मदद की अपील कर रहा है.
मोहम्मद अफजल खान तेलंगाना के कामारेड्डी जिले के ताडकोल गांव के रहने वाले थे. परिवार के मुताबिक, वह 15 फरवरी 2026 को रोजगार की तलाश में रूस गए थे. उन्हें वहां बागवानी और दूसरे सामान्य काम दिलाने का भरोसा दिया गया था.
हालांकि, परिवार का आरोप है कि बाद में उन्हें रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया और युद्ध क्षेत्र के पास तैनात कर दिया गया. इस घटनाक्रम के बाद से परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित था.
परिवार के मुताबिक, पूर्ववर्ती निजामाबाद जिले के तीन अन्य व्यक्ति सिरशु अशोक, भुक्या रविंदर और मेगावत प्रकाश भी रोजगार के वादे पर रूस गए थे. उनके परिवारों का आरोप है कि इन लोगों को शुरुआत में बागवानी और घास काटने जैसे काम दिए गए.
बाद में उन्हें सैन्य गतिविधियों से जुड़े कामों में लगा दिया गया. अब इन तीनों व्यक्तियों के परिवार भी उनकी सुरक्षित भारत वापसी के लिए सरकार से मदद मांग रहे हैं.
अफजल खान की मौत की आशंका तब बढ़ गई, जब रूस गए सिरशु अशोक ने कथित तौर पर अपनी पत्नी को एक वॉयस मैसेज भेजा. इस मैसेज में उसने बताया कि अफजल की पिछले सप्ताह रूस-यूक्रेन सीमा के पास मौत हो गई है.
इसके बाद यह संदेश अफजल के परिवार तक पहुंचा. मैसेज मिलने के बाद परिवार में मातम और चिंता का माहौल है. हालांकि, इस संदेश के आधार पर अभी अफजल की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती.
अफजल खान के पिता अब्बास खान ने विदेश मंत्रालय और मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास से मदद की अपील की है. उन्होंने अधिकारियों से अपने बेटे के बारे में जानकारी जुटाने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि उसकी मौत हुई है या नहीं.
परिवार का कहना है कि वह सरकारी पुष्टि का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. परिजनों ने केंद्र सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने परिवार को बताया है कि उसे अफजल के ठिकाने या उनकी मौत के संबंध में रूसी अधिकारियों से अब तक पुष्टि नहीं मिली है. परिवार ने मांग की है कि यदि अफजल की मौत की पुष्टि होती है, तो उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था की जाए.
वहीं, रूस गए अन्य तीन लोगों के परिजन भी सरकार से संपर्क कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कराने की मांग कर रहे हैं. फिलहाल, अफजल खान की मौत की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.
अब्दुल बशीर