पुणे में सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक कथित दुश्मनी अब हिंसक हमले में बदल गई. जहां 19 साल के एक युवक पर कैफे के अंदर धारदार हथियार से हमला किए जाने का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 12 वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है. यह पूरी घटना पुणे के शिवाजीनगर इलाके में स्थित एक कैफे की है, जहां देर रात युवक पर हमला किया गया.
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस विवाद की शुरुआत करीब एक साल पहले सतारा जिले के कास पठार में हुए एक कथित मामूली सड़क हादसे से हुई थी. इस घटना में इंजीनियरिंग के छात्र अथर्व प्रमोद जगताप, जिसकी उम्र 19 साल है, और 23 वर्षीय माधवी राजेश कुंभार शामिल थे. हादसे के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया. धीरे-धीरे यह विवाद सोशल मीडिया तक पहुंच गया और दोनों पक्षों की कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे से तनातनी शुरू हो गई.
पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्ष इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर एक-दूसरे पर तंज कसते और कथित तौर पर भड़काऊ बातें करते थे. ऑनलाइन शुरू हुई यह खींचतान लगातार बढ़ती गई और जांचकर्ताओं को शक है कि इसी पुरानी दुश्मनी के चलते अथर्व पर हमला करने की योजना बनाई गई. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हमले से पहले आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ और वारदात की साजिश कैसे तैयार की गई.
घटना पुणे के शिवाजीनगर स्थित शिरोले रोड के कैफे फ्लाइंज जिप्सी में हुई. पुलिस के अनुसार, करीब सुबह 3.30 बजे अथर्व कैफे में मौजूद था, तभी कुछ लोगों ने उसे घेर लिया. आरोप है कि खतरा महसूस होने पर अथर्व कैफे के अंदर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन 20 वर्षीय राहुल सीताराम वाघमारे उसका पीछा करते हुए अंदर पहुंच गया. आरोप है कि राहुल ने धारदार हथियार से अथर्व पर हमला कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, इस हमले में अन्य आरोपी भी शामिल हो गए और नाबालिगों ने भी कथित तौर पर मारपीट में साथ दिया. वारदात के बाद पुलिस ने कैफे में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. इसी फुटेज और अन्य जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की. पुलिस ने माधवी, स्नेहल सोनके और राहुल वाघमारे समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है.
इस मामले में कैफे के मालिक और मैनेजर पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है. पुलिस का आरोप है कि कैफे तय अनुमति से अधिक समय तक खुला हुआ था. इसके अलावा पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि वारदात के बाद कैफे में मौजूद खून के निशानों को साफ करने की कोशिश की गई. पुलिस ने इन आरोपों के आधार पर कैफे के मालिक और मैनेजर को भी मामले में गिरफ्तार किया है.
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने तीन अन्य वयस्क आरोपियों को भी गिरफ्तार किया. वहीं, मामले में पकड़े गए तीन नाबालिगों को ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है. गिरफ्तार किए गए सभी वयस्क आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अब पूरे मामले में हमले की वजह, आरोपियों की भूमिका और सोशल मीडिया विवाद से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही है.
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर होने वाले विवादों के हिंसक रूप लेने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक कथित सड़क हादसे से शुरू हुआ विवाद पहले इंस्टाग्राम पोस्ट और वीडियो तक पहुंचा और बाद में वास्तविक दुनिया में हिंसा में बदल गया. पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या सोशल मीडिया पर चल रही कथित दुश्मनी ने हमले की जमीन तैयार की थी. फिलहाल, मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है.
ओमकार