ड्रम में कंकाल, हड्डी में स्क्रू वॉशर... जब कत्ल से ज्यादा पुलिस इन्वेस्टिगेशन रहा चर्चा में

कहानी भारत के केरल में हुए ऐसे हत्याकांड की, जिसमें कत्ल से ज्यादा उसकी इन्वेस्टिगेशन चर्चा का विषय रहा. ये केस भारत के सबसे मुश्किल और पेचीदा मामलों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसमें कोई सुराग था ही नहीं, जिसके जरिए कातिल का पता लगाया जा सकता. तो कैसे ये केस सॉल्व हुआ, चलिए जानते हैं...

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सांकेतिक तस्वीर. सांकेतिक तस्वीर.

तन्वी गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 27 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 5:13 PM IST

दिन था 8 जनवरी 2018 का. केरल के एर्नाकुलम में कुंबलम के पास एक नदी के किनारे नीला ड्रम पड़ा था. जो कि कई महीनों से यूं ही वहां पड़ा हुआ था. लोगों ने उस ड्रम पर पहले तो गौर किया नहीं. लेकिन जब उससे बेहद गंदी दुर्गंध आनी शुरू हुई तो वहां से आने-जाने वाले लोगों का ध्यान उस पर जाने लगा.

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एक दिन कुछ मछुआरों ने सोचा कि क्यों न इस ड्रम को खोलकर देखा जाए कि आखिर इसमें है क्या. लेकिन जैसे ही वे उस ड्रम के पास पहुंचे तो वह दुर्गंध और ज्यादा आने लगी. उन्हें शक हुआ कि हो न हो ये दुर्गंध किसी लाश की है. इसलिए उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी.

मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत ड्रम को काटना शुरू किया. जैसे ही ड्रम को काटा गया तो देखा कि उसमें कंक्रीट और ईंटें भरी हुईं थी. पुलिस ने फिर लोहे की रोड से उसे तोड़ा तो देखा कि उसमें इंसानी कंकाल पड़ा हुआ था. उसकी बहुत सी हड्डियां गल चुकी थीं, लेकिन कुछ चीजें अभी भी बची हुईं थीं. जैसे खोपड़ी और पैर का हिस्सा आदि. कंक्रीट को और तोड़ा गया तो उसमें एक कपड़े का टुकड़ा, बालों का एक गुच्छा, एक अंडरगारमेंट, चांदी की चेन और कुछ इंडियन करंसी (Indian Currency) मिली.

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इन सभी चीजों को फॉरेंसिक जांच (Forensic investigation) के लिए एर्नाकुलम के एक मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया. अब डॉक्टर्स के सामने काफी चुनौतियां थीं. उन्हें सबसे पहले ये पता करना था कि ये कंकाल किसी मर्द का है या औरत का. मरने वाले की उम्र क्या थी और उसकी मौत का कारण क्या था? इसमें सबसे पहले हड्डियों को रीअरेंज किया गया, ताकि उसकी हाइट पता लगाई जा सके.

जबड़ों की हड्डियों को रिकंस्ट्रक्ट किया गया, ताकि मरने वाले की उम्र और जेंडर (Gender) पता किया जा सके. वैसे जो बालों के गुच्छे मिले थे ,उनसे लग रहा था कि लाश किसी औरत की थी, लेकिन आजकल लड़के भी लंबे बाल रखते हैं, इसलिए बालों से पता लगाना थोड़ा मुश्किल था कि ये लड़के की लाश थी या लड़की की.

ऐसे मिली केस की पहली लीड

जांच में पता चला कि मरने वाले की हाइट एवरेज थी. फिर जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी तो यह साफ हो गया कि लाश किसी लड़की की थी. जिसकी उम्र 20 से 25 साल के बीच थी. 3 दिन यानि 8 जनवरी से 11 जनवरी 2018 तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चलती रही. हड्डियों से जितनी भी जानकारी मिलनी थी, लगभग मिल चुकी थी.

अब बारी थी बाकी मिली चीजों की जांच करने की. वहीं, पुलिस भी जांच में जुटी हुई थी. तभी उन्हें शक हुआ कि हो न हो ये हत्या नवंबर 2016 से पहले की गई होगी. क्योंकि मरने वाले के पास से जो भारतीय करंसी (Indian Currency) मिली थी, उनमें तीन 500 के नोट पुराने थे. ये वे नोट थे जो नोटबंदी से पहले इस्तेमाल किए जाते थे.

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इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर भी पड़ गए उलझन में

नदी के पास रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि वो लोग ड्र्रम को सितंबर 2016 से देखते आ रहे हैं. उन्हें लगता था कि ये कहीं से बहकर आया होगा. इसलिए किसी ने उस पर इतना ध्यान नहीं दिया. पुलिस को अब तक कुछ जानकारी तो मिल चुकी थी, लेकिन और भी जानकारियां उन्हें चाहिए थीं. इसलिए जांच को और ज्यादा तेजी से बढ़ाया गया.

इस केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (Investigation officer) थे सिबी टॉम. टॉम की गिनती उन ऑफिसर्स में गिनी जाती है जो मुश्किल से मुश्किल केसों को आसानी से सुलझा देते हैं. लेकिन जब ये केस उनके पास आया तो पहली बार वो भी उलझन में पड़ गए. क्योंकि इससे पेचीदा केस उन्होंने अपने करियर में कभी नहीं देखा था.

पैर से मिला स्क्रू वॉशर

11 जनवरी 2018 की शाम को सिबी टॉम को एक कॉल आया. ये कॉल पोस्टमार्टम (Postmortem) करने वाले डॉक्टर का था. उन्होंने बताया कि उन्हें पैर की हड्डी से 6.6 सेंटीमीटर स्क्रू वॉशर मिला है. पता नहीं वो आपके केस में काम आएगा या नहीं. हो सकता है विक्टिम का एक्सीडेंट हुआ हो और सर्जरी के समय इसे पैर पर लगाया गया हो. इस पर कुछ लिखा भी हुआ है. लेकिन हमारे पास इतना एडवांस माइक्रोस्कोप (Microscope) नहीं है कि उसमें क्या लिखा है, वो पता लग सके. अगर आप कुछ इंतजाम कर सको तो इसका पता लगाया जा सकता है.

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सिबी टॉम ने फिर जुगाड़ करके हाई रेजोल्यूशन के कैमरे का इंतजाम कर लिया. फिर इसकी मदद से पता लगाया गया कि स्क्रू वॉशर पर 'Pitkar' लिखा है. इसी के साथ इस प्रोडक्ट का बैच नंबर भी लिखा था.

एर्नाकुलम में डिलीवर हुए थे 6 स्क्रू वॉशर

Pitkar पुणे बेस्ड एक कंपनी है जो कि सर्जरी का सामान बनाती है. अब इस कंपनी और उसके क्लाइंट्स के बारे में पता लगाना शुरू किया गया. सिबी टॉम को पता चला कि Pitkar कंपनी की केरल में सिर्फ एक ही ब्रांच है. वही पूरे केरल में सर्जिल सामान सप्लाई करती है. इत्तेफाक से यह ब्रांच एर्नाकुलम में ही निकली.

सिबी टॉम अपनी टीम के साथ पुणे पहुंचे और उनसे पूछताछ की. मैनेजर ने बताया कि हम सालों से सर्जिकल सामान की डील कर रहे हैं. अगर आपके पास कोई और जानकारी हो तो बताएं. क्योंकि ऐसे पता लगाना कि हमने ये सामान कब और किसे बेचा था, मुश्किल है. तब सिबी टॉम ने बताया कि ये कत्ल सितंबर 2016 से पहले हुआ है.

उन्होंने 2016 की सारी जानकारी मांगी. फिर ब्रांच ने सारा डाटा खंगाला. पता चला कि कुल 161 स्क्रू वॉशर की डिलीवरी उनके यहां से हुई थी. जिनमें से 155 महाराष्ट्र और गुजरात में डिलीवर हुए थे. बाकी के 6 एर्नाकुलम के आस-पास के इलाकों में डिलीवर हुए.

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विक्टिम की बेटी का लगा पता

इसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें इन 6 पेशेंट्स के घर पहुंची. जिनमें से 5 पेशेंट तो आसानी से मिल गए. लेकिन उन्हें एक पेशेंट नहीं मिल रहा था. वो थी 54 साल की शकुंतला. पुलिस फिर उस हॉस्पिटल (Hospital) में पहुंची जहां शकुंतला का ऑपरेशन हुआ था. वहां का सारा डाटा खंगाला गया. लेकिन शकुंतला के नाम के अलावा उन्हें वहां कुछ भी जानकारी नहीं मिली, लेकिन विजिटर्स की लिस्ट में पुलिस को एक नाम कई बार दिखा, जो कि उनसे मिलने आती रहती थी. वो थी अस्वती दामोदरम. उसका एड्रेस भी वहां लिखा हुआ था.

पुलिस फिर उसके घर पहुंची. वहां उन्होंने अस्वती से शकुंतला के बारे में पूछा. अस्वती ने बताया कि शकुंतला मेरी मां है. मेरी उनसे अब बात नहीं होती. सितंबर 2016 से वो लापता हैं. पुलिस ने पूछा कि अगर वो लापता हैं तो आपने रिपोर्ट क्यों नहीं लिखवाई. अस्वती ने कहा कि हमारी आपस में नहीं बनती थी. वो मुझसे बात करें या ना करें, मुझे फर्क नहीं पड़ता. मेरा उनसे कोई मतलब नहीं है.

एक्सीडेंट के बाद हुई थी शकुंतला की सर्जरी

पुलिस ये सब सुनकर दंग रह गई. पुलिस को इसी के साथ उस पर शक भी हुआ. इसलिए उन्होंने उसका चिट्ठा खंगालना शुरू किया. पूछताछ के दौरान एक कहानी सामने आई. पता चला कि अस्वती एक लड़के से प्यार करती थी. शकुंतला को ये रिश्ता मंजूर नहीं था. फिर भी बेटी ने भागकर उस लड़के से शादी कर ली थी. जिसके बाद दोनों के दो बच्चे हुए. लेकिन ये रिश्ता ज्यादा नहीं चल सका और दोनों ने 2016 में एक दूसरे को तलाक दे दिया.

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उधर, शकुंतला भी अपने पति से अलग एक किराए के घर में रहती थी. वो लॉटरी के टिकट बेचकर गुजारा करती थी. तलाक के बाद अस्वती अपनी मां के साथ ही रहने लगी. इन्हीं दिनों शकुंतला अपनी बेटी अस्वती की स्कूटी से कहीं जा रही थी. तभी रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया. आस-पास के लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया. जहां उनकी एंकल सर्जरी हुई.

लॉज में रहने चली गई थी बेटी

वहीं दूसरी तरफ अस्वती का सजीत नामक एक युवक से अफेयर शुरू हो गया और उसने उस लड़के से शादी कर ली. अब सजीत भी उनके साथ उन्ही के घर में रहने लगा था.

कुछ दिन बाद शकुंतला को चिकन पॉक्स हो गया, जिस कारण थोड़े दिन के लिए अस्वती बच्चों को लेकर पास के लॉज में रहने चली गई, ताकि चिकनपॉक्स उसे या उसके बच्चों को न हो जाए. लेकिन सजीत अभी भी वहीं रह रहा था. जब कुछ दिन बाद अस्वती वापस घर लौटकर आई तो उसने सजीत से पूछा कि मां कहां है. सजीत ने बताया कि शकुंतला अपनी दोस्तों के पास दिल्ली चली गई है. इसके बाद का मुझे नहीं पता कि अब वो कहां हैं.

सजीत की हुई हार्टअटैक से मौत

पुलिस ने फिर अस्वती से पूछा कि तुम्हारा पति सजीत कहां है? अस्वती ने बताया कि जिस दिन उसे मां के बारे में पता चला कि वे दिल्ली चली गई हैं. उसी के अगले दिन हार्टअटैक (Heart attack) से सजीत की भी मौत हो गई थी. पुलिस को ये बात काफी अटपटी लगी. इसलिए उन्होंने ये बात उस अस्पताल से भी कंफर्म की जहां सजीत को इलाज के लिए ले जाया गया था. डॉक्टरों ने बताया कि हां सच में सजीत की मौत हार्ट अटैक से ही हुई थी. अब फिर से पुलिस के लिए ये केस और भी पेचीदा हो गया.

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पहले से शादीशुदा था सजीत

पुलिस ने फिर आस पड़ोस के लोगों से पूछताछ शुरू की तो पता चला कि सजीत पहले से शादीशुदा था और उसकी एक पत्नी भी है. जबकि, अस्वती के साथ वह सिर्फ लिव-इन रिलेशन (Live-in-relationship) में रहता था. पुलिस ने भी जैसे तैसे सजीत की पहली पत्नी सरिगा का पता लगाया तो उन्हें नई कहानी पता चली. सरिगा ने बताया कि उसकी और सजीत की शादी को 8 साल हो गए थे. फिर भी उन्हें कोई बच्चा नहीं हुआ. सजीत को बच्चों से काफी लगाव था. इसलिए उसका अफेयर अस्वती से शुरू हो गया.

इस बात का पता जब सरिगा को लगा तो सजीत ने उसे यह कहकर मना लिया कि अस्वती की देखरेख के लिए कोई भी नहीं है और ऐसे में हमें उसे सहारा देना चाहिए. इससे उन्हें भी बच्चों का सुख मिल जाएगा. सरिगा भी इस बात के लिए मान गई और उसने अस्विता के साथ सजीत के अफेयर को मंजूरी दे दी. लेकिन जब इस बात का पता शकुंतला को लगा तो वह काफी गुस्से में आ गई. उसने कहा कि वह इस बारे में अपनी बेटी को बता देगी.

सजीत के दोस्तों ने पुलिस को दी अहम जानकारी

सरिगा ने बताया कि मैं और मेरे पति शकुंतला को समझाने के लिए उनके घर भी गए. उस समय अस्विता एक लॉज में ही रह रही थी. लेकिन शकुंतला हमारी बात नहीं मानी. उसने कहा कि मैं अपनी बेटी और नाती-नातिन से तुन्हें दूर करके ही रहूंगी. सरिगा ने बताया कि इसके बाद मैं घर आ गई. मुझे फिर आगे कुछ नहीं पता. क्योंकि अगले दिन तो हार्टअटैक से मेरे ही पति की मौत हो गई. फिर पुलिस ने सजीत के दोस्तों से भी पूछताछ की.

एक दोस्त ने बताया कि सजीत ने उससे एक नीले रंग का ड्रम मंगवाया था पानी की स्टोरेज के लिए. वहीं, तीन दोस्तों ने भी बताया कि उन्होंने सजीत को किसी नीले ड्रम में कुछ डालते हुए देखा था. इसी से पुलिस ने पूरे केस को सॉल्व किया. पुलिस के सामने अब पूरा केस खुल चुका था.

ये थी कत्ल की पूरी कहानी

पुलिस अधिकारी सिबी टॉम के मुताबिक, सजीत को डर था कि जब शकुंतला अस्वती को उसकी सच्चाई बताएगी तो वह उसे छोड़ देगी और अपने बच्चों से भी नहीं मिलने देगी. इसलिए सजीत ने ही शकुंतला का मर्डर कर दिया. लेकिन उसे इस मर्डर का इतना अफसोस हुआ कि उसने खुद ही केमिकल निगलकर आत्महत्या करने की भी कोशिश की. जैसे ही उसने केमिकल निगला, उसे हार्टअटैक (Heart Attack) आ गया और इससे उसकी मौत हो गई.

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