महाराष्ट्र के किसानों के लिए सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है. राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि राज्य के किसानों को 5000 रुपये की अंतरिम मदद दिए जाने का फैसला किया गया है. इसका भुगतान दिवाली से पहले किया जाएगा. सीएम के मुताबिक, सरकार ने ये फैसला राज्य के सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद लिया गया है और इसलिए भी क्योंकि Diwali से पहले केंद्र सरकार से मदद मिलने की उम्मीद नहीं है.
राज्य में सूखा, सरकार करेगी मदद
बता दें, इसी महीने महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति को देखते हुए कुल 34 जिलों के अंतर्गत आने वाले 305 तालुकों में सूखा घोषित किया है. शुरुआत में राज्य के 265 तालुकों में सूखा घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 305 कर दिया गया. यह राज्य का लगभग 75% हिस्सा है.
यह सूखा राज्य के सभी 6 राजस्व विभागों खासकर मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और पुणे संभाग के कई जिलों में फैला हुआ है. सरकार द्वारा इस स्थिति में किसानों को फसल कर्ज वसूली पर रोक, बिजली बिलों में छूट, पानी की व्यवस्था और आर्थिक सहायता जैसी कई राहतें दी जा रही हैं. इस बीच महाराष्ट्र सरकार का दिवाली से पहले किसानों को 5000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान एक बड़ी राहत है.
सीएम ने किया था सूखाग्रस्त गांवों का दौरा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीते सितंबर महीने में सूखे से प्रभावित गांवों का दौरा किया था और इससे पीड़ित किसानों के लिए जल्द राहत उपायों की घोषणा के बारे में कहा था. उन्होंने साफ किया था कि राज्य सरकार केंद्र से सहायता की प्रतीक्षा नहीं करेगी और प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को तत्काल राहत प्रदान करेगी. 5000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान इस दिशा में उठाया गया कदम है.
अन्य राहत उपायों में क्या-क्या होगा?
रिपोर्ट्स की मानें, तो महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को सरकार अन्य तरीकों से भी राहत दे सकती हैं. इन राहत उपायों में बिजली बिलों में छूट, फसल ऋण का पुनर्गठन और स्कूल शुल्क से छूट शामिल हैं. इसके अलावा उन्हें विभिन्न फसलों के लिए निर्धारित फसल हानि मुआवजे का भी अधिकार है.
रिपोर्ट में बीते 22 सितंबर तक के आंकड़ों के आधार पर बताया गया था कि महाराष्ट्र में 1 जून से 21 सितंबर के बीच औसत वर्षा का केवल 80.82% ही प्राप्त हुआ. 17 जिलों में सामान्य वर्षा का 50-75% दर्ज किया गया, जबकि अन्य 14 जिलों में 75-100% वर्षा हुई. सोलापुर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां औसत वर्षा का केवल 48.65% ही प्राप्त हुआ.
आजतक बिजनेस डेस्क