पटना से गुजरने वाली ट्रेनों की भीड़ कम करने और रेल यातायात को रफ्तार देने की दिशा में बिहार में एक अहम कदम उठाया गया है. अब मालगाड़ियों के लिए पटना को बायपास करने वाला वैकल्पिक रेल रूट तैयार हो रहा है. नेउरा से जटडुमरी तक बनी 20 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन पर ट्रेन चलाने के लिए रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मंजूरी दे दी है. इससे मालगाड़ियों को पटना से होकर गुजरने की जरूरत कम होगी और व्यस्त रेल मार्ग पर यात्री ट्रेनों के लिए भी जगह बनाने में मदद मिलेगी.
फिलहाल दानापुर-पटना-किऊल-झाझा रेल मार्ग पर यात्री और मालगाड़ियां दोनों चलती हैं. यह दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग का अहम हिस्सा है और यहां रेल यातायात काफी व्यस्त रहता है. ऐसे में मालगाड़ियों के लिए अलग वैकल्पिक रास्ता मिलने से इस मार्ग पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी. नई लाइन का पूरा फायदा तब मिलेगा, जब नेउरा-दनियावां की 42 किलोमीटर लंबी परियोजना पूरी तरह चालू हो जाएगी. इसके बाद मालगाड़ियां नेउरा, दनियावां, बिहारशरीफ, बरबीघा, शेखपुरा और किऊल होकर आगे जा सकेंगी. इस तरह उन्हें पटना के व्यस्त रेल रास्ते से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हुआ ट्रायल
नेउरा-जटडुमरी रेल लाइन को मंजूरी देने से पहले रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने इसका निरीक्षण किया. रेलवे के मुताबिक, 8 अक्टूबर को इस रेल खंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाकर परीक्षण भी किया गया था. सुरक्षा मानकों की जांच के बाद इस पर रेल संचालन की मंजूरी दी गई है. यह 20 किलोमीटर लंबा रेल खंड पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल की नेउरा-दनियावां नई रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है. परियोजना को दो चरणों में तैयार किया जा रहा है. पहले चरण में 22.74 किलोमीटर लंबा जटडुमरी-दनियावां खंड बनाया गया था, जहां ट्रेनों का संचालन पहले से हो रहा है. अब नेउरा-जटडुमरी खंड को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना का एक और अहम हिस्सा आगे बढ़ा है.
नई लाइन से यात्री ट्रेनों को भी मिलेगा फायदा
इस परियोजना का फायदा सिर्फ मालगाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा. पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के मुताबिक, नई रेल लाइन से व्यस्त दानापुर-पटना-किऊल-झाझा मार्ग पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए क्षमता बनाने में मदद मिलेगी. जब मालगाड़ियों के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध होगा, तो मौजूदा रेल मार्ग पर कुछ अतिरिक्त जगह बन सकेगी. इससे भविष्य में यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की संभावना को मदद मिल सकती है. हालांकि, रेलवे ने अभी अतिरिक्त यात्री ट्रेनें शुरू करने की कोई तारीख घोषित नहीं की है.
नए स्टेशन और हॉल्ट भी बनाए गए
नई रेल लाइन पर यात्रियों की सुविधा के लिए एक नया स्टेशन और तीन हॉल्ट बनाए गए हैं. नेउरा जंक्शन और जटडुमरी जंक्शन के बीच गोनपुरा स्टेशन तैयार किया गया है. इसके अलावा अधपा, चमाचक और वाजिदपुर में हॉल्ट बनाए गए हैं. नेउरा स्टेशन पहले से पटना-आरा रेल खंड पर मौजूद है, जबकि जटडुमरी स्टेशन पटना-गया रेल खंड पर स्थित है. नई लाइन के निर्माण के दौरान रेल और सड़क यातायात को सुचारू रखने के लिए कई संरचनाएं भी तैयार की गई हैं.
पुलों-अंडरपास से रेल ढांचा मजबूत
नेउरा-जटडुमरी रेल खंड पर तीन बड़े पुल और 16 छोटे पुल बनाए गए हैं. इसके अलावा पांच सीमित ऊंचाई वाले सबवे, दो सड़क ऊपरी पुल और 12 सड़क निचले पुल तैयार किए गए हैं. इस खंड पर एक रेल के ऊपर रेल गुजरने वाली संरचना भी बनाई गई है. इन निर्माण कार्यों का उद्देश्य रेल लाइन को सुरक्षित और सुचारू तरीके से चलाने के लिए जरूरी ढांचा तैयार करना है.
पूरा प्रोजेक्ट चालू होने का इंतजार
नेउरा-जटडुमरी खंड को संचालन की मंजूरी मिलना परियोजना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. लेकिन पटना को बायपास करते हुए मालगाड़ियों के पूरे वैकल्पिक मार्ग से चलने का फायदा तभी मिलेगा, जब नेउरा-दनियावां की पूरी 42 किलोमीटर लंबी रेल लाइन चालू हो जाएगी. फिलहाल पूरी परियोजना के चालू होने की तारीख सामने नहीं आई है. इसके पूरा होने के बाद मालगाड़ियों को पटना के व्यस्त रेल मार्ग से हटाकर वैकल्पिक रास्ते पर चलाने में मदद मिलेगी. इससे माल ढुलाई और यात्री रेल सेवाओं, दोनों के लिए बेहतर क्षमता तैयार होने की उम्मीद है.
आजतक बिजनेस डेस्क