भारत में सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे ट्रैक चिनाब रेल ब्रिज, जो उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) का हिस्सा है. एफिल टावर से भी ऊंचे इस रेलवे ट्रैक पर सरपट वंदे भारत ट्रेन भाग रही है. नॉर्दर्न रेलवे ने अपने ट्विटर (अब X) हैंडर पर इस ट्रैक पर दौड़ती Vande Bharat Express एक वीडियो जारी किया है और इसे भारत का गौरव करार दिया है. (Photo: File/PTI)
एफिल टावर से ऊंचा चिनाब ब्रिज
चिनाब रेल ब्रिज की ऊंचाई की बात करें, तो ये चिनाब नदी से लगभग 359 मीटर (1,178 फीट) ऊपर बना हुआ है और इस तरह से ये दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज में टॉप पर आता है. इसकी कुल लंबाई 1315 मीटर है. बता दें कि इस रेलवे ब्रिज की ऊंचाई फ्रांस के एफिल टावर से भी ज्यादा (Chenab Bridge taller than Eiffel Tower) है, जो 324 मीटर ऊंचा है. (Photo: PTI/File)
रेलवे ने पोस्ट किया ये वीडियो
बीते साल जनवरी 2025 में इस रेल ट्रैक पर आखिरी सफल परीक्षण किया गया था और फिर इस पर श्रीनगर-कटरा वंदे भारत सेवा शुरू हुई. इस साल अप्रैल 2026 में इसे जम्मू तवी तक बढ़ाया गया. ये 180 डिग्री की चढ़ाई वाली चुनौतियों से भरा रेल ट्रैक है.
Northern Railway ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चिनाब ब्रिज से गुजरती हुई तेज रफ्तार वंदे भारत ट्रेन का वीडियो शेयर किया है. इस Video के कैप्शन में रेलवे की ओर से लिखा गया है, 'भारत का गौरव, विश्व के सबसे ऊंचे रेल आर्च पुल चिनाब ब्रिज पर दौड़ती वंदे भारत एक्सप्रेस.' (Photo: PTI/File)
ब्रिज का भूकंप भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता
Chenab Bridge को बनाने में रेलवे को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. संकरी सड़कें, लगाकार बदलता और खराब मौसम, ऊंची पहाड़ियां और अस्थिर चट्टानी भूभाग ने प्रोजेक्ट को और भी जटिल बनाया, क्योंकि ट्रैक तैयार करने के लिए भारी मशीनरी और कंस्ट्रक्शन सामग्री को दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचाना चुनौती रही. तमाम दिक्कतों के बाद इस पूरा करने में सफलता मिली. बता दें कि ये चिनाब पुल इस तरह डिजाइन किया गया है कि तेज भूकंप, तेज हवाओं और विस्फोट जैसी परिस्थितियों का भी सामना कर सके. इसे अत्यधिक सुरक्षा मानकों के हिसाब बनाया गया है और इसमें करीब 25000 टन स्टील का इस्तेमाल हुआ. (Photo: PTI/File)
देश में रेल ट्रैक पर दौड़ रहीं 162 वंदे भारत
चिनाब ब्रिज पर दौड़ रही इस वंदे भारत एक्सप्रेस के नेटवर्क में लगातार विस्तार किया जा रहा है. देश में फिलहाल 162 वंदे Vande Bharat Trains चल रही हैं. लगातार बढ़ती डिमांड और यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं देने को लिए जनवरी 2026 में Vande Bharat Sleeper ट्रेन की शुरुआत हुई और 100% से अधिक की ऑक्यूपेंसी रेट के साथ ये पटरियों पर दौड़ रही है. ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाजे, इमरजेंसी कम्युनिकेशन सुविधाएं और कवच सुरक्षा तकनीक मौजूद है. (Photo: Pexels)
9 करोड़ से ज्यादा यात्री कर चुके सफर
Vande Bharat ट्रेनों की डिमांड को देखते हुए इसके नेटवर्क का भारतीय रेलवे द्वारा लगातार विस्तार किया जा रहा है. भारत में मेड इन इंडिया, सेमी-हाई स्पीड वाली वंदे भारत ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं और तेज रफ्तार के अलावा और भी बहुत शानदार सेवाएं यात्रियों को देती हैं. 2019 में अपनी शुरुआत के बाद से वंदे भारत ने मार्च 2026 तक एक लाख यात्राएं पूरी की हैं और इस नेटवर्क पर रेल यात्रियों की संख्या की बात करें, तो इन ट्रेनों से 9.1 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं. (Photo: ITG/File)