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8th Pay Commission: 2.0 फिटमेंट फैक्‍टर, तो कितनी बढ़ सकती है सैलरी? जानिए डिटेल

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्‍ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:26 AM IST
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आठवें वेतन आयोग के तहत कई बड़े बदलाव होने का अनुमान है. खासकर सैलरी को लेकर बड़ी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है. सैलरी में बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्‍टर पर निर्भर करती है, जो कमचारियों की बेसिक सैलरी को बढ़ा सकती है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि बेसिक सैलरी के बढ़ने से ग्रॉस सैलरी भी उतनी ही बढ़ जाएगी.
 

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मान लीजिए अगर फिटमेंट फैक्‍टर 2.0 रहता है तो बेसिक सैलरी 100 फीसदी यानी डबल हो सकता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आपकी कुल सैलरी डबल हो जाएगी. बैंकबाजार के एक अनुमान के अनुसार, अगर फिटमेंट फैक्‍टर 8वें वेतन आयोग के तहत 2.0-2.57 तक रहता है तो ग्रॉस सैलरी लेवल 1 से 18 तक के कर्मचारियों के लिए 31-58% तक बढ़ सकता है. 
 

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उदाहरण के तौर पर देखें तो छठां वेतन आयोग के तहत 1.86 फिटमेंट फैक्‍टर रखा गया था, तब कुल वेतन में 54% की बढ़ोतरी हुई थी और बेसिक मिनिमम सैलरी ₹7,000 थी. इसी तरह, 7वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्‍टर  2.57 रखा गया था, लेकिन कुल सैलरी 14.29% बढ़ी थी. 
 

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बैंकबाज़ार ने अपनी कैलकुलेशन में 8वें वेतन आयोग के तहत लेवल 1-10 के कर्मचारियों के लिए 2.0, 2.38 और 2.57 के फिटमेंट फैक्टर पर अनुमानित ग्रॉस सैलरी में बढ़ोतरी दिखाई है. फिटमेंट फैक्टर सैलरी में बदलाव के लिए एक मल्टीप्लायर होता है. 
 

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2.0 फिटमेंट फैक्टर का मतलब है कि कर्मचारी की बेसिक सैलरी दोगुनी हो जाएगी. इसका मतलब है कि 18000 रुपये से बढ़कर बेसिक सैलरी ₹36,000 हो जाएगी, लेकिन ग्रॉस सैलरी बढ़कर ₹44,640 होगी. इसका मतलब है कि कुल सैलरी में 31% की बढ़ोतरी होगी. 
 

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हालांकि सैलरी में बढ़ोतरी के साथ ही HRA में भी इजाफा हो सकता है. शहर की कैटेगरी के हिसाब से हाउस रेंट अलाउंस में इजाफा किया जा सकता है. 

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