सिक्योरिटी डिपॉजिट का मकसद मकान मालिकों को किसी भी वास्तविक नुकसान से बचाना होता है. हालांकि, विवाद अक्सर तब शुरू होते हैं जब किराएदार मकान खाली करते हैं और उन्हें पता चलता है कि पेंटिंग, सफाई या छोटी-मोटी मरम्मत के नाम पर उनकी जमा राशि में से कटौती कर ली गई है. मकान मालिकों को किराएदारों द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई करने का अधिकार है, लेकिन वे सामान्य टूट-फूट के नाम पर मनमानी कटौती नहीं कर सकते.
कटौती कितनी जायज है, यह मुख्य रूप से किराएनामे की शर्तों और 'संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882' (Transfer of Property Act, 1882) के प्रावधानों पर निर्भर करता है.
कानून क्या कहता है?
संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धारा 108(m) किराएदारों पर यह जिम्मेदारी डालती है कि वे लीज की अवधि के दौरान संपत्ति को अच्छी स्थिति में रखें और किराएदारी समाप्त होने पर उसे लगभग उसी स्थिति में वापस लौटाएं. हालांकि, यह जिम्मेदारी उस सामान्य टूट-फूट पर लागू नहीं होती जो समय के साथ प्राकृतिक रूप से होती है.
किराएदारों से संपत्ति की उचित देखभाल करने की उम्मीद की जाती है, लेकिन वे नियमित उपयोग के कारण होने वाले नुकसान या घिसावट के लिए उत्तरदायी नहीं हैं.
सामान्य टूट-फूट क्या है?
समय के साथ संपत्ति का स्वाभाविक रूप से पुराना होना आमतौर पर मकान मालिक की जिम्मेदारी माना जाता है और इसके लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट से कटौती नहीं की जानी चाहिए.
इसके उदाहरणों में शामिल हैं.
मकान मालिक डिपॉजिट से कटौती कब कर सकते हैं?
यदि किराएदार ने सामान्य उपयोग से अधिक नुकसान पहुंचाया है, तो मकान मालिक के पास सिक्योरिटी डिपॉजिट का कुछ हिस्सा रोकने का वाजिब कारण हो सकता है.
रेंट एग्रीमेंट क्यों महत्वपूर्ण है?
किराया समझौता ही वह मुख्य दस्तावेज होता है जो सिक्योरिटी डिपॉजिट से होने वाली कटौती को तय करता है. लीज शुरू होने से पहले ही दोबारा पेंट कराने, सफाई, मरम्मत और रखरखाव से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना चाहिए.
दोनों पक्षों को मकान में शिफ्ट होते समय और खाली करते समय तस्वीरों या वीडियो के माध्यम से संपत्ति की स्थिति का रिकॉर्ड रखना चाहिए. यदि भविष्य में संपत्ति की स्थिति को लेकर कोई मतभेद होता है, तो यह साक्ष्य बहुत मददगार साबित हो सकता है.
विवादों से कैसे बचें?
कानूनी विशेषज्ञों की सलाह है कि कब्जा सौंपने से पहले दोनों पक्ष मिलकर संपत्ति का निरीक्षण करें और लीज की शुरुआत में ही मौजूद कमियों को दर्ज कर लें. किराएदारी के अंत में, मकान मालिकों को यदि कोई कटौती करनी है.
किराएदारों के लिए, रेंट एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ना, संपत्ति की जिम्मेदारी से देखभाल करना और उसकी स्थिति का रिकॉर्ड रखना विवाद की संभावना को काफी हद तक कम कर सकता है.
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