मकान मालिक काट रहे हैं सिक्योरिटी मनी से पैसा? जानें क्या हैं आपके कानूनी अधिकार

हालांकि मकान मालिकों को वास्तविक नुकसान की भरपाई का पूरा अधिकार है, लेकिन वे संपत्ति के स्वाभाविक पुराने होने या दिन-प्रतिदिन के रखरखाव के खर्च को वसूलने के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट का इस्तेमाल नहीं कर सकते.

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मकान मालिक मनमानी कटौती करे तो क्या करें? (Photo-ITG) मकान मालिक मनमानी कटौती करे तो क्या करें? (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:46 PM IST

सिक्योरिटी डिपॉजिट का मकसद मकान मालिकों को किसी भी वास्तविक नुकसान से बचाना होता है. हालांकि, विवाद अक्सर तब शुरू होते हैं जब किराएदार मकान खाली करते हैं और उन्हें पता चलता है कि पेंटिंग, सफाई या छोटी-मोटी मरम्मत के नाम पर उनकी जमा राशि में से कटौती कर ली गई है. मकान मालिकों को किराएदारों द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई करने का अधिकार है, लेकिन वे सामान्य टूट-फूट के नाम पर मनमानी कटौती नहीं कर सकते.

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कटौती कितनी जायज है, यह मुख्य रूप से किराएनामे की शर्तों और 'संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882' (Transfer of Property Act, 1882) के प्रावधानों पर निर्भर करता है.

कानून क्या कहता है?

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धारा 108(m) किराएदारों पर यह जिम्मेदारी डालती है कि वे लीज की अवधि के दौरान संपत्ति को अच्छी स्थिति में रखें और किराएदारी समाप्त होने पर उसे लगभग उसी स्थिति में वापस लौटाएं. हालांकि, यह जिम्मेदारी उस सामान्य टूट-फूट पर लागू नहीं होती जो समय के साथ प्राकृतिक रूप से होती है.

किराएदारों से संपत्ति की उचित देखभाल करने की उम्मीद की जाती है, लेकिन वे नियमित उपयोग के कारण होने वाले नुकसान या घिसावट के लिए उत्तरदायी नहीं हैं.

सामान्य टूट-फूट क्या है?

समय के साथ संपत्ति का स्वाभाविक रूप से पुराना होना आमतौर पर मकान मालिक की जिम्मेदारी माना जाता है और इसके लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट से कटौती नहीं की जानी चाहिए. 

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इसके उदाहरणों में शामिल हैं.

  • समय बीतने के कारण दीवार का रंग फीका पड़ना या पेंट का उखड़ना
  • दीवारों पर मामूली खरोंच के निशान
  • रोजमर्रा के इस्तेमाल से फर्श पर हल्का घिसाव
  • नल-फिटिंग्स या लाइट/पंखों का प्राकृतिक रूप से पुराना होना
  • इन्हें घर में रहने के स्वाभाविक नतीजे के रूप में देखा जाता है और यह मकान मालिक के रखरखाव दायित्वों का हिस्सा होते हैं.

मकान मालिक डिपॉजिट से कटौती कब कर सकते हैं?

यदि किराएदार ने सामान्य उपयोग से अधिक नुकसान पहुंचाया है, तो मकान मालिक के पास सिक्योरिटी डिपॉजिट का कुछ हिस्सा रोकने का वाजिब कारण हो सकता है.

  • दीवारों पर बड़े गड्ढे या बहुत ज्यादा नुकसान
  • टूटे हुए दरवाजे, खिड़कियां या फिटिंग्स
  • बिना अनुमति के किए गए ढांचागत बदलाव
  • फर्श पर गंभीर दाग या क्षति
  • गायब या टूटे हुए उपकरण/फिटिंग्स
  • ऐसे मामलों में, कोई भी कटौती मरम्मत या बहाली के लिए आए वास्तविक खर्च के अनुपात में और वाजिब होनी चाहिए.

रेंट एग्रीमेंट क्यों महत्वपूर्ण है?

किराया समझौता ही वह मुख्य दस्तावेज होता है जो सिक्योरिटी डिपॉजिट से होने वाली कटौती को तय करता है. लीज शुरू होने से पहले ही दोबारा पेंट कराने, सफाई, मरम्मत और रखरखाव से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना चाहिए.

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दोनों पक्षों को मकान में शिफ्ट होते समय और खाली करते समय तस्वीरों या वीडियो के माध्यम से संपत्ति की स्थिति का रिकॉर्ड रखना चाहिए. यदि भविष्य में संपत्ति की स्थिति को लेकर कोई मतभेद होता है, तो यह साक्ष्य बहुत मददगार साबित हो सकता है.

विवादों से कैसे बचें?

कानूनी विशेषज्ञों की सलाह है कि कब्जा सौंपने से पहले दोनों पक्ष मिलकर संपत्ति का निरीक्षण करें और लीज की शुरुआत में ही मौजूद कमियों को दर्ज कर लें. किराएदारी के अंत में, मकान मालिकों को यदि कोई कटौती करनी है.

किराएदारों के लिए, रेंट एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ना, संपत्ति की जिम्मेदारी से देखभाल करना और उसकी स्थिति का रिकॉर्ड रखना विवाद की संभावना को काफी हद तक कम कर सकता है. 

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