अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का मानना है कि ईरान के साथ जंग समाप्त होने के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी. ये कीमत गिरक 40 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती हैं. उनका यह भी मानना है कि इस गिरावट से महंगाई का दबाव कम हो सकता है और हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी भारी गिरावट आ सकती है.
शुक्रवार को ब्लूमबर्ग टीवी पर एक इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा कि ईरान संघर्ष के समाधान के बाद तेल बाजार में काफी अधिक आपूर्ति हो सकती है. हम इस ईरान संघर्ष के दूसरे पक्ष में पहुंच जाएंगे और मुझे उमी है कि तेल की कीमतों में गिरावट आएगी.
उन्होंने आगे कहाकि उत्पादन में बढ़ोतरी से कच्चे तेल की कीमतें 50 डॉलर या यहां तक कि 40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं. हालांकि उन्होंने यह भी नहीं बताया कि जंग कब खत्म हो सकती है. यह बयान ऐसे समय में आई हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव का असर ऊर्जा बाजारों पर लगातार पड़ रहा है.
हाई पर कच्चे तेल के दाम
शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था, जो जुलाई के बाद से अपने उच्चतम स्तर के करीब है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट लगभग 91 डॉलर पर था. अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों के बाद हाल के हफ्तों में तेल की कीमतों में तेजी आई है.
इस बढ़ोतरी ने महंगाई को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है, खासकर इसलिए क्योंकि ऊर्जा की बढ़ती लागत कंज्यूमर कीमतों को प्रभावित कर सकती है. महंगाई की बढ़ती उम्मीदों ने सरकारी बॉन्ड यील्ड में भी बढ़ोतरी की है. इस सप्ताह अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी यील्ड 2023 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई.
अभी नहीं पता कब खत्म होगी जंग
बेसेंट ने कहा कि तेल की कीमतों, महंगाई और ब्याज दरों के बीच संबंध अब स्पष्ट हो चुका है. ईरान के साथ जंग खत्म होते ही तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी और महंगाई कम होगी. हालांकि, तेल की कीमतों में गिरावट कब होगी ये स्पष्ट नहीं है. संघर्ष के तुरंत समाप्त होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क