नहीं देखेंगे अब चीन की राह, भारत में ही बनेगा ये प्रोडक्ट! टाटा ग्रुप ने अपने कंधों पर ली जिम्मेदारी

भारत में एयर कंडीशनर की बढ़ती मांग के बीच अब कंप्रेसर और दूसरे अहम कंपोनेंट्स के घरेलू उत्पादन पर जोर बढ़ रहा है. टाटा ग्रुप की वोल्टास और एटमबर्ग इनोवेशन ने रूम एसी के लिए कंप्रेसर और अन्य पार्ट्स बनाने, सप्लाई करने और डेवलप करने के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर की बाइंडिंग टर्म शीट साइन की है.

Advertisement
वोल्टास और एटमबर्ग AC के कंप्रेसर और दूसरे कंपोनेंट्स भारत में ही बनाने के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर बनाएंगे. (सांकेतिक तस्वीर) वोल्टास और एटमबर्ग AC के कंप्रेसर और दूसरे कंपोनेंट्स भारत में ही बनाने के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर बनाएंगे. (सांकेतिक तस्वीर)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 18 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:36 PM IST

भारत में एयर कंडीशनर की बढ़ती मांग के बीच अब उसके अहम पार्ट्स को देश में बनाने पर जोर बढ़ रहा है. इसी दिशा में टाटा ग्रुप की कंपनी वोल्टास (Voltas) ने भारतीय स्टार्टअप एटमबर्ग इनोवेशन (Atomberg Innovation) के साथ रूम एयर कंडीशनर के लिए कंप्रेसर और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स के निर्माण, सप्लाई और डेवलपमेंट के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है. दोनों कंपनियों ने इसके लिए बाइंडिंग टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए हैं.

Advertisement

यह पहल ऐसे समय में हुई है, जब भारत में एसी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तेजी से बढ़ रही है, लेकिन कुछ अहम कंपोनेंट्स के लिए देश अब भी आयात पर निर्भर है. सरकार भी एक तरफ सीमित आयात की अनुमति दे रही है, वहीं कंपनियों से फेजवाइज इंडिजेनाइजेशन और स्थानीय उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करने की उम्मीद कर रही है.

कंप्रेसर इतना अहम क्यों?

कंप्रेसर एयर कंडीशनर के सबसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स में से एक है. यह सिस्टम में रेफ्रिजरेंट को सर्कुलेट करता है और कूलिंग प्रोसेस में सबसे अहम भूमिका निभाता है. इसलिए इसकी उपलब्धता और लागत का सीधा असर एसी की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई पर पड़ता है. इंडियन एक्जिम बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, एक तय कंप्रेसर ट्रेड कैटेगरी में भारत के आयात में चीन की हिस्सेदारी 73.7% थी और आयात की वैल्यू करीब 217.5 मिलियन डॉलर रही. हालांकि, यह आंकड़ा एक विशिष्ट ट्रेड कैटेगरी से जुड़ा है और इसे भारत में बिकने वाले हर एसी में इस्तेमाल होने वाले कंप्रेसर पर लागू नहीं माना जाना चाहिए.

Advertisement

भारत में AC का बाजार कितना बड़ा?

भारत में एयर कंडीशनर की मांग तेजी से बढ़ रही है. इंडस्ट्री अनुमानों के मुताबिक, FY25 में देश में करीब 15 मिलियन रूम एयर कंडीशनर की बिक्री हुई. जर्मन डेटा एनालिटिक्स फर्म स्टैटिस्टा (Statista) के अनुमान के अनुसार, 2025 में बिक्री करीब 15.4 मिलियन यूनिट रही और 2030 तक यह सालाना करीब 28 मिलियन यूनिट तक पहुंच सकती है. इसके बावजूद भारत में एसी की पहुंच अभी अपेक्षाकृत कम है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में अभी करीब 10% घरों में ही एयर कंडीशनर है. इसी रिपोर्ट में Voltas की भारतीय बाजार में हिस्सेदारी करीब 18% बताई गई है. वहीं, Voltas के मुताबिक भारत में करीब 85% खरीदार अपना पहला एयर कंडीशनर खरीद रहे हैं. इससे संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में बाजार में नए ग्राहकों की बड़ी गुंजाइश बनी हुई है.

Voltas पहले भी कर चुकी है कोशिश

भारत में कंप्रेसर मैन्युफैक्चरिंग का लोकल इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में Voltas की यह पहली कोशिश नहीं है. 2022 में कंपनी ने Hong Kong की Highly International के साथ रूम एयर कंडीशनर के लिए इन्वर्टर कंप्रेसर, मोटर और अन्य संबंधित कंपोनेंट्स बनाने को लेकर जॉइंट वेंचर का समझौता किया था. हालांकि, इस प्रस्ताव को प्रेस नोट 3 सहित जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां नहीं मिल सकीं. इसके बाद अप्रैल 2023 में दोनों कंपनियों ने समझौता खत्म कर दिया. इसके करीब एक साल बाद Voltas के मैनेजमेंट ने कहा था कि कंपनी टेक्नोलॉजी पार्टनर की तलाश जारी रखे हुए है. कंपनी कंप्रेसर के साथ एसी के अन्य अहम कंपोनेंट्स को भी भारत में बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती थी.

Advertisement

Atomberg की क्या भूमिका होगी?

Atomberg Innovation अपने स्मार्ट और एनर्जी-एफिशिएंट सीलिंग फैन के लिए जानी जाती है. कंपनी की शुरुआत IIT Bombay के पूर्व छात्रों ने की थी और इसका शुरुआती फोकस ब्रशलेस डायरेक्ट करंट (BLDC) मोटर टेक्नोलॉजी पर रहा है. अब Atomberg Innovation एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसे व्हाइट गुड्स के लिए मोटर, कंट्रोलर और कंप्रेसर से जुड़ी टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रही है. ऐसे में Voltas के साथ प्रस्तावित साझेदारी उसके लिए एयर-कंडीशनिंग कंपोनेंट्स के क्षेत्र में बड़ा विस्तार हो सकती है. सरकार भी व्हाइट गुड्स सेक्टर में घरेलू कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए PLI स्कीम पर जोर दे रही है. Atomberg Innovation को AC कंपोनेंट्स के तहत कंट्रोल असेंबली और मोटर जैसे प्रोडक्ट के साथ लिस्ट किया गया है. कंपनी का कमिटेड इंवेस्टमेंट करीब ₹50.20 करोड़ बताया गया है.

सरकार ने कंप्रेसर आयात पर क्या किया?

भारत में एसी की बढ़ती मांग के बीच सरकार कंप्रेसर के आयात और घरेलू उत्पादन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है. मई 2026 के आदेश के तहत 2 टन से कम क्षमता वाले तय रोटरी हर्मेटिक कंप्रेसर के लिए FY27 में FY25 के आयात वॉल्यूम के 30% तक आयात की अनुमति रहेगी. वहीं, बड़े कंप्रेसर और कुछ VRF से जुड़े कंप्रेसर के लिए अलग-अलग सीमाएं तय की गई हैं. इस व्यवस्था का मकसद सप्लाई चेन को अचानक प्रभावित किए बिना कंपनियों को घरेलू उत्पादन और कंपोनेंट्स के स्थानीयकरण की दिशा में आगे बढ़ाना है.

Advertisement

AC खरीदने वालों पर अभी क्या असर?

अगर आप एयर कंडीशनर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो फिलहाल इस जॉइंट वेंचर से कीमत या बाजार में एसी की सप्लाई पर तत्काल असर की कोई घोषणा नहीं हुई है. Voltas और Atomberg का प्रस्ताव अभी टर्म शीट स्टेज पर है. दोनों कंपनियों ने फिलहाल प्रस्तावित प्लांट, उत्पादन क्षमता या कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की निश्चित टाइमलाइन सार्वजनिक नहीं की है. हालांकि, एसी की बिक्री जैसे-जैसे बढ़ेगी, भारत में कंप्रेसर, मोटर, कंट्रोलर और दूसरे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स का स्थानीय उत्पादन बढ़ाने की जरूरत भी बढ़ेगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »