शेयर बाजार बम-बम... गिरकर उछले Sensex और Nifty, इन 3 वजहों से आई रिकवरी

Share Market Recovers: शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला. शुरुआत में तेजी के बाद सेंसेक्स और निफ्टी कुछ देर के लिए गिरावट में चले गए, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से बाजार ने जोरदार रिकवरी की. सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा उछला, जबकि निफ्टी में 150 अंकों से अधिक की तेजी आई.

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शेयर बाजार में 30 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला. (File Photo) शेयर बाजार में 30 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला. (File Photo)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:46 PM IST

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. पहले कारोबारी घंटे में दोनों प्रमुख इंडेक्स- सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट में भी चले गए. हालांकि, बाजार ने जल्द ही वापसी की और खरीदारी बढ़ने के साथ सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा उछल गया. निफ्टी ने भी 150 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की. आईटी शेयरों में खरीदारी, टाटा समूह की कंपनी ट्रेंट के दूसरी तिमाही के अच्छे नतीजे और रुपये में मजबूती ने बाजार को सहारा दिया.

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पहले सुस्ती, फिर बाजार ने पकड़ी रफ्तार

सेंसेक्स और निफ्टी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को हरे निशान में कारोबार शुरू किया. शुरुआती तेजी के बाद बाजार में दबाव दिखा और दोनों इंडेक्स कुछ समय के लिए लाल निशान में चले गए. हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से बाजार ने रिकवरी की. दिन के कारोबार में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 580.38 अंक तक चढ़कर 74,731.42 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी 173.75 अंक की तेजी के साथ 23,110.50 के हाई तक गया. इससे पहले गुरुवार को भी बाजार में अच्छी तेजी रही थी. सेंसेक्स 905.01 अंक यानी 1.24 फीसदी चढ़कर 74,151.04 पर बंद हुआ था. निफ्टी में 237.90 अंक यानी 1.05 फीसदी की बढ़त रही और यह 22,936.75 पर बंद हुआ था.

तेजी की पहली वजह: IT शेयरों में खरीदारी

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बाजार को शुक्रवार को सबसे ज्यादा सहारा आईटी शेयरों से मिला. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2.3 फीसदी चढ़ गया. दिलचस्प बात यह है कि एशिया के कई बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. निवेशकों के बीच चिंता है कि AI पर कंपनियों का बढ़ता खर्च आने वाले समय में उतना रिटर्न नहीं दे पाएगा, जितनी उम्मीद की जा रही है. इसके बावजूद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी हुई.

एनालिस्ट्स का मानना है कि AI पर भारी खर्च करने के बजाय कई विदेशी कंपनियां लागत घटाने, ऑटोमेशन और आउटसोर्सिंग पर ज्यादा ध्यान दे सकती हैं. ऐसी स्थिति में भारतीय आईटी कंपनियों को नए काम मिल सकते हैं. इसी उम्मीद ने आईटी शेयरों को सपोर्ट दिया. सितंबर तिमाही में कॉग्निजेंट के स्थिर नतीजों से भी इस सेक्टर का भरोसा बढ़ा. कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 4.8 फीसदी बढ़कर 5.66 अरब डॉलर रहा. वहीं, उसकी बुकिंग में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 28.7 अरब डॉलर पर पहुंच गई.

दूसरी वजह: ट्रेंट के अच्छे नतीजों से शेयर उछले

टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली. कंपनी के दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे बेहतर रहने के बाद शेयर कारोबार के दौरान करीब 6 फीसदी तक चढ़ गया. ट्रेंट के नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और बाजार की तेजी को सहारा दिया. इसके अलावा, कुछ दूसरी कंपनियों के अच्छे नतीजों और घरेलू मांग में स्थिरता से भी बाजार की धारणा मजबूत हुई. निवेशक चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में खरीदारी करते दिखे.

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तीसरी वजह: मजबूत रुपये से बाजार को सहारा

शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे मजबूत होकर 95.19 पर पहुंच गया. डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से रुपये को सहारा मिला. हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये की तेजी को सीमित रखा. गुरुवार को रुपया 2 पैसे की बढ़त के साथ 95.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. रुपये में मजबूती से बाजार को भी कुछ राहत मिली. हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव अब भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं.

आगे बाजार के लिए क्या अहम रहेगा?

चुनिंदा कंपनियों के मजबूत नतीजे और घरेलू मांग में स्थिरता बाजार की धारणा को सहारा दे रहे हैं. हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव बाजार के लिए बड़े जोखिम हैं. अक्टूबर में अब तक निफ्टी करीब 1.6 फीसदी और सेंसेक्स 2.5 फीसदी चढ़ चुका है. ऐसे में शुक्रवार की रिकवरी ने बाजार को राहत जरूर दी है, लेकिन आगे की चाल काफी हद तक कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी.

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