स्टॉक मार्केट में निवेशकों के लिए Jio Platform का IPO खुलने से पहले ही इसका क्रेज दिखाई दे रहा है. सोमवार को भारत के इस सबसे बड़े IPO पर एंकर निवेशकों ने जमकर बोली लगाई और सिर्फ ये भरा ही नहीं, बल्कि इसे एंकर निवेशकों द्वारा 30 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया.
अब इस आईपीओ को लेकर ब्रोकरेज फर्म्स भी पॉजिटिव नजर आ रहे हैं. उन्होंने एक तरीके से इसे डिजिटल ग्रोथ का पारहाउस माना है, क्योंकि मार्केट में कंपनी की स्थिति मजबूत है, इसक कमाई भी शानदार है और कैश फ्लो लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में ब्रोकरेज फर्मों द्वारा इस IPO को निवेश के एक बेहतरीन अवसर के तौर पर देखा जा रहा है.
ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं, मजबूत कामकाज और तकनीक के क्षेत्र में इसकी बढ़ती महत्वाकांक्षाओं पर भरोसा जताया है. उनका मानना है कि यह कंपनी अब केवल पारंपरिक टेलीकॉम तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के केंद्र में खुद को स्थापित कर रही है.
एंकर निवेशकों के बीच भारी डिमांड
सोमवार को एंकर निवेशकों के लिए खुला हिस्सा पूरी तरह भर गया, बल्कि इसमें दुनिया के सबसे बड़े और बेहतरीन संस्थागत निवेशकों की ओर से उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 30 गुना ज्यादा बोलियां मिलीं. महज 8,110 करोड़ रुपये के शेयरों के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाई गईं. यह एक भारी मांग है और जियो की लिस्टिंग के बाद सेकेंड्री मार्केट में भी इसका क्रेज खरीदारी को लेकर दिख सकता है.
ग्रे मार्केट प्रीमियम से मजबूत रिस्पॉन्स
IPO खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) काफी मजबूत बना हुआ है. 19 अक्टूबर को इसका जीएमपी 252 रुपये प्रति शेयर का था, जो 1,119 रुपये के प्राइस बैंड पर लगभग 22.52% का प्रीमियम दिखा रहा है. इस हिसाब से, लगभग 1,371 रुपये प्रति शेयर लिस्टिंग की उम्मीद है और अगर इसी आधार पर कमाई देखी जाए तो हर लॉट (जिसमें 12 शेयर हैं) पर 3,024 रुपये की कमाई हो सकती है
IPO में 27 करोड़ नए शेयर
30,213 करोड़ रुपये के इस IPO में 27 करोड़ नए शेयर शामिल हैं और इसका प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. यह इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा, जबकि इसकी लिस्टिंग 28 अक्टूबर को तय की गई है. कंपनी इस इश्यू से मिलने वाली रकम में से ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल अपनी मुख्य सब्सिडियरी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कर्ज को समय से पहले चुकाने के लिए करेगी.
कंपनी के पास बड़ा कस्टमर बेस
रिलायंस के इस कंपनी के पास एक बड़ा कस्टमर बेस है, जो लगातार बढ़ रहा है. साथ ही यह कंपनी 5G, होम ब्रॉडबैंड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी सेवाओं के जरिए कमाई के नए सोर्स भी डेवलप कर रही है.
30 जून, 2026 तक कंपनी के पास 533.3 मिलियन कस्टमर्स थे. कंपनी ने FY26 में भारत के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक का लगभग 60% हिस्सा संभाला है. FY26 में कंपनी का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 14.6% बढ़कर ₹1,46,885 करोड़ हो गया, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा लगभग ₹30,049 करोड़ रहा. EBITDA मार्जिन सुधरकर लगभग 51.9% हो गया, जो बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज और नेटवर्क निवेश के परफॉर्मेंश का दिखाता है.
जियो आईपीओ पर ब्रोकरेज फर्मों ने क्या कहा?
Emkay ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज (Emkay Global Financial Services) ने इस इश्यू को 'उचित कीमत वाला' बताया है. उन्होंने FY24 से FY26 के बीच EBITDA में 16.2% और टैक्स के बाद मुनाफे में 18.4% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का हवाला देते हुए कहा कि यह इस बात का सबूत है कि जियो अपने नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ अपनी कमाई भी बढ़ा रही है.
GEPL कैपिटल ने भी इसमें निवेश करने की सलाह दी है. उनका तर्क है कि जियो की बाजार में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है और विकास के अवसरों को देखते हुए, FY26 की कमाई के लगभग 33.3 गुना का वैल्यूएशन उचित लगता है. कंपनी की रणनीति विकास के लिए अतिरिक्त रास्ते खोलती है.
लॉन्च होने के बाद से जियो ने आक्रामक तरीके से ग्राहकों और भारत के टेलीकॉम नजरिए को बदला है. ब्रोकरेज फर्म को टैरिफ से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी, हर यूजर्स एवरेज रेवेन्यू (ARPU) में बढ़ोतरी और नई डिजिटल सेवाओं से मिलने वाले रेवेन्यू में काफी संभावनाएं दिखती हैं. उनका मानना है कि इससे कमाई बढ़ने की गुंजाइश बनती है और भविष्य के नजरिए से इसका IPO वैल्यूएशन आकर्षक हो जाता है.
SBICAPS का कहना है कि इश्यू की कीमत जियो के बड़े पैमाने, कमाई में बढ़ोतरी, तकनीकी क्षमताओं और लंबे समय में पैसा कमाने की क्षमता को दिखाता है. उन्होंने आगे कहा कि कर्ज चुकाने से कंपनी पर बोझ और फाइनेंस कॉस्ट कम होगी, कैश फ्लो मजबूत होगा और भविष्य के निवेश के लिए वित्तीय लचीलापन मिलेगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहद मजबूत
इसका इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहद मजबूत है, जिसमें 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा फाइबर, 360,537 नेटवर्क टावर और 99% से ज्यादा हिस्से में फैला वायरलेस ब्रॉडबैंड कवरेज शामिल है. भारत की जनसंख्या को देखते हुए, जियो का एप्लिकेशन, क्लाउड सेवाओं और एंटरप्राइज़ ऑफ़रिंग का बढ़ता इकोसिस्टम इस बुनियादी ढांचे से अधिक कमाई करने के अवसर पैदा करता है.
वेंचुरा सिक्योरिटीज ने जियो को 'भारत का सबसे बड़ा डिजिटल सेवा और कनेक्टिविटी प्लेटफ़ॉर्म' बताया है. ब्रोकरेज का कहना है कि इसका होमब्रांडबैंड और भी इसे मजबूत करता है. जून 2026 तक, जियो के पास 28.6 मिलियन फिक्स्ड-ब्रॉडबैंड ग्राहक थे, जिनमें 14 मिलियन जियोएयरफाइबर (JioAirFiber) सब्सक्राइबर शामिल हैं. हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की बढ़ती मांग, बचे हुए 2G उपयोगकर्ताओं का 4G और 5G पर जाना, और एंटरप्राइज़ डिजिटलीकरण में बढ़ोतरी इन सभी चीजों ने इस कंपनी को काफी बडा बनाया है.
जियो का बेहतर होता कैश जनरेशन एक और ऐसा कारक है, जिसने सबका ध्यान खींचा है. एमके (Emkay) के अनुसार, FY26 में परिचालन से कैश फ्लो लगभग ₹77,556 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि कैपिटल एक्सपेंडेचर FY24 में राजस्व के 48.8% से घटकर FY26 में 23.3% रह गया. इस सुधार से कंपनी को अपनी बैलेंस शीट मज़बूत करने के साथ-साथ नए अवसरों में निवेश करने के लिए अधिक लचीलापन मिल सकता है.
सेंट्रम ब्रोकिंग (Centrum Broking) ने जियो प्लेटफ़ॉर्म्स की इक्विटी वैल्यू लगभग ₹11.5 लाख करोड़ आंकी है, जिसमें टेलीकॉम व्यवसाय और अन्य डिजिटल व्यवसायों के लिए अलग-अलग वैल्यूएशन तरीकों का इस्तेमाल किया गया है. उनका अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच राजस्व, EBITDA और टैक्स के बाद मुनाफे में क्रमशः लगभग 14%, 16% और 16% की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (CAGR) से वृद्धि होगी. इसके अलावा, टैरिफ में बढ़ोतरी, प्रीमियम ऑफ़रिंग और डिजिटल सेवाओं को अपनाने की बढ़ती दर को ARPU में वृद्धि के संभावित कारकों के रूप में देखा जा रहा है.
इस आईपीओ के 19 लीड मैनेजर
इस IPO के 19 बुक-रनिंग लीड मैनेजर (BRLMs) हैं, जो इस ऑफ़रिंग के विशाल पैमाने और अंतरराष्ट्रीय पहुंच को दिखाता है. इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, CLSA इंडिया, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज, HDFC बैंक, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज, जेफरीज इंडिया, JM फाइनेंशियल, J.P. मॉर्गन इंडिया, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटीज इंडिया और 360 ONE WAM शामिल हैं.
(नोट- किसी भी आईपीओ या शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क