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बिहार

पानी में कॉलोनियां, नावों के सहारे जिंदगी... बाढ़ से जूझ रहे बिहार की डरावनी तस्वीरें

aajtak.in
  • पटना,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:50 AM IST
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बाढ़ की वजह से बिहार की धरती जलमग्न हो चुकी है. यहां घर, पेड़-पौधे और सरकारी इमारतें पानी के बीच में घिरी हुई दिखाई दे रही हैं. पटना से लेकर भागलपुर और मुंगेर तक गंगा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है, जिससे हजारों एकड़ भूमि और दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं.

(Photo- PTI)

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घरों के चारों ओर कई फीट पानी भरा हुआ है, जिससे बाहर निकलना बेहद खतरनाक हो गया है. ग्रामीण इन्हीं जुगाड़ की नावों पर राशन, पीने का पानी और घरेलू सामान लादकर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जा रहे हैं.

(Photo- PTI)
 

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राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर विकराल रूप धारण कर चुका है. इस तस्वीर में पटना के प्रसिद्ध गांधी घाट का नजारा है, जहां घाट के किनारे स्थित शिव मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल पानी में पूरी तरह डूब गए हैं. गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.41 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 1.81 मीटर ऊपर है. घाट की सभी सीढ़ियां और टहलने वाले वॉकवे जलमग्न हो चुके हैं.

(Photo- PTI)

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सड़कों के डूब जाने के कारण गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है. लोग जान बचाने के लिए अपने छतों पर टिके हैं या फिर जुगाड़ की नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. 

(Photo- PTI)
 

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भागलपुर के सुल्तानगंज प्रखंड का भवनाथपुर गांव पूरी तरह से गंगा के बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है. तस्वीर में चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है. गांव के खेत, खलिहान, पक्के मकान, स्कूल और सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं. भागलपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 33.68 मीटर से ऊपर बह रहा है.

(Photo- PTI)
 

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भागलपुर के नौगछिया और आसपास के क्षेत्रों में भी गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. ऐसे में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भागलपुर जिले के नौगछिया क्षेत्र में गंगा और कोशी नदियों के उफान से बिगड़े हालात का जायजा लेने पहुंचे थे. इस तस्वीर में वो मोटरबोट पर सवार होकर जलमग्न क्षेत्रों का निरीक्षण करते दिखाई दे रहे हैं.

(Photo- PTI)
 

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मुंगेर के कई गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं. जिले के जमालपुर प्रखंड का बोचाही गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुका है. घरों और रास्तों पर पानी भरने के बाद ग्रामीणों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने की चुनौती है. आजतक की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान बोचाही गांव में बाढ़ की भयावह तस्वीर सामने आई. एक परिवार जुगाड़ की नाव पर घर का जरूरी सामान और मवेशी लादकर पास के सरकारी स्कूल में शरण लेने के लिए जाता नजर आया.

(Photo- PTI)
 

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वैशाली जिले में गंगा और गंडक नदियों के रौद्र रूप धारण करने के बाद बाढ़ की खतरनाक स्थिति बनी हुई है. ड्रोन से ली गई इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि किस तरह पूरा इलाका जलमग्न हो चुका है. घने बसे हुए गांव, पक्के मकान, सड़कें और खेत पूरी तरह से बाढ़ के मटमैले पानी में डूबे हुए हैं. 

(Photo- PTI)
 

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बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और उत्पन्न हुए गंभीर बाढ़ संकट का स्थल पर पहुंचकर जायजा लिया. इस तस्वीर में वो एक पुल पर खड़े होकर जलमग्न हुए ग्रामीण इलाकों का मुआयना करते नजर आ रहे हैं.

(Photo- PTI)
 

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हाजीपुर और आसपास के इलाकों में भी गंगा और बाकी नदियों के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी के कारण कई गांव जलमग्न हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों को खाने और पीने के पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख चिराग पासवान भी बिहार के हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने वैशाली और हाजीपुर के बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और प्रभावित ग्रामीणों को राहत सामग्री और राशन के पैकेट बांटते नजर आ रहे हैं.

(Photo- PTI)

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