TATA की कार सड़क पर आती है, तो लोग कहते है...'टाटा की गाड़ी है.'. नाम छोटा है लेकिन भरोसा बड़ा. वक्त बदला. कारें बदलीं. ग्राहक की सोच और खरीदारी का तरीका बदला. लेकिन टाटा नाम की पकड़ जस की तस बनी रही. अब कंपनी उसी पुराने भरोसे को एक नई पहचान देने जा रही है. नाम है 'Tata.cars.' यह सिर्फ डॉट के साथ लिखा गया नया नाम नहीं है. यह उस पहचान को मॉडर्न फेस देने की कोशिश है, जो भारत के लोग बरसों से अपने तरीके से इस्तेमाल करते आए हैं.
शोरूम का रंग रूप, अंदाज बदलेगा. सर्विस सेंटर बदलेंगे. डिजिटल दुनिया में भी नया नाम दिखेगा. लेकिन कहानी का सबसे अहम हिस्सा यही है कि, टाटा वही है. बस अब उसकी कारों की पहचान नए अंदाज में सामने आएगी. दरअसल, टाटा मोटर्स ने आज एक भव्य इवेंट के दौरान अपने पैसेंजर व्हीकल बिजनेस के लिए एक नई कस्टमर-फेसिंग आइडेंटिटी 'Tata.Cars' का ऐलान किया है.
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टाटा मोटर्स का कहना है कि, अब कंपनी की कारों को ग्राहकों के सामने 'Tata.cars' नाम से पेश किया जाएगा. यह बदलाव सिर्फ नाम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में डीलरशिप, शोरूम, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सर्विस और मार्केटिंग से जुड़े हर काम में दिखाई देगा. हालांकि कंपनी के लीगल आइडेंटिटी और कॉरपोरेट इंफ्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
Tata.cars नाम क्यों चुना गया
कंपनी का कहना है कि भारत में लोग लंबे समय से उसकी पैसेंजर कारों को आम बोलचाल की भाषा में 'Tata cars' के नाम से ही जानते हैं. चाहे ग्राहक हैचबैक खरीद रहा हो या SUV, टाटा की कारों के लिए यही पहचान आम हो चुकी है. यही वजह है कि कंपनी ने इस मशहूर आइडेंटिटी को औपचारिक रूप से अपनाने का फैसला किया है.
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेश चंद्रा ने कहा कि, कई मायनों में Tata.cars एक ऐसी पहचान है जो भारत ने कंपनी को दी है. अब कंपनी ने इसे आधिकारिक तौर पर अपनाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि Tata नाम कंपनी की विरासत, वैल्यू और कई पीढ़ियों से कमाए गए भरोसे को दर्शाता है, जबकि Tata.cars पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को एक मॉडर्न और फ्यूचरिस्टिक आइडेंटिटी देता है.
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शोरूम और सर्विस सेंटर में क्या बदलेगा
Tata.cars का नाम धीरे-धीरे कंपनी के डीलरशिप और शोरूम में लागू किया जाएगा. इसके अलावा डिजिटल टचपॉइंट, आफ्टर-सेल्स और सर्विस ऑपरेशन और मार्केटिंग कम्युनिकेशन में भी नई ब्रांडिंग दिखाई देगी. कंपनी आने वाले कुछ महीनों में अपने डीलरशिप को नए डिजाइन में अपडेट करना शुरू करेगी. शोरूम के लुक और डिज़ाइन को बदला जाएगा, जिसका असर शोरूम के एक्सटीरियर से लेकर इंटीरियर तक दिखेगा. शोरूम को स्टेनलेस-स्टील के नए फ्रंट फेस से सजाया जाएगा, जिसमें लूवर्ड पैनल का इस्तेमाल होगा.
टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विवेक श्रीवत्सा ने आज इवेंट के दौरान कहा कि, "इस बदलाव के साथ कंपनी एक नया विजुअल और सेंसेरी सिस्टम भी पेश करेगी. इसे 'पैरलल पाथवे' नाम की डिजाइन फिलॉसफी के आधार पर तैयार किया गया है. इस नई आइडेंटिटी में एम्बीशन ब्लू कलर का विशेष तौर पर इस्तेमाल होगा. इसके अलावा नया सोनिक आइडेंटिटी सिस्टम भी लागू किया जाएगा, जिससे ब्रांड सिर्फ देखने ही नहीं बल्कि सुनने में भी अलग होगा.
कानूनी नाम में कोई बदलाव नहीं
भले ही कंपनी अपने पैसेंजर व्हीकल बिजनेस के लिए आम ग्राहकों के सामने Tata.cars का इस्तेमाल करे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल का कानूनी नाम बदल गया है. कंपनी की रजिस्टर्ड लीगल एंटिटी पहले की तरह ही रहेगी. सरकारी और कानूनी दस्तावेज, स्टैच्यूटरी फाइलिंग, मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, ऑफिशियल कॉन्ट्रैक्ट और रेगुलेटरी फाइलिंग के लिए टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल का ही इस्तेमाल होगा. इसके अलावा कंपनी अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस के लिए पहले की ही तरह Tata.ev का इस्तेमाल करती रहेगी.
अश्विन सत्यदेव