डायबिटीज के मरीजों को मीठा खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है. ऐसे में कई लोग चीनी के विकल्प तलाशते हैं. स्टीविया एक ऐसा पौधा है जिसकी पत्तियां प्राकृतिक रूप से मीठी होती हैं और इसे शुगर के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि हाल के वर्षों में घरों में स्टीविया उगाने का चलन तेजी से बढ़ा है.
स्टीविया का पौधा लगाने के लिए ऐसी जगह चुनें जहां रोजाना कम से कम 4 से 6 घंटे धूप आती हो. इसे गमले या सीधे जमीन दोनों में लगाया जा सकता है. मिट्टी भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए. सामान्य गार्डन मिट्टी में थोड़ा कम्पोस्ट या जैविक खाद मिलाकर पौधा लगाया जा सकता है.
पौधे को लगाने के बाद नियमित रूप से हल्का पानी दें. ध्यान रखें कि मिट्टी पूरी तरह सूखने न पाए, लेकिन उसमें पानी जमा भी न हो. ज्यादा नमी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है. गर्मियों में जरूरत के अनुसार पानी दें, जबकि ठंड के मौसम में सिंचाई कम की जा सकती है.
स्टीविया की अच्छी बढ़वार के लिए हर कुछ हफ्तों में जैविक खाद डालना फायदेमंद रहता है. समय-समय पर सूखी या कमजोर टहनियों की छंटाई करने से पौधा घना और स्वस्थ बना रहता है. सही देखभाल मिलने पर कुछ ही महीनों में इसकी पत्तियां तोड़कर इस्तेमाल की जा सकती हैं.
स्टीविया की पत्तियों को ताजा या सुखाकर चाय, कॉफी, हर्बल ड्रिंक और कई तरह की घरेलू रेसिपी में इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी पत्तियां प्राकृतिक मिठास देती हैं, जिससे चीनी की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है.