अमेरिका और ईरान के बीच जंग छिड़ चुकी है। होर्मुज की खाड़ी बंद है और दुनिया भर के तेल बाज़ारों में कोहराम मचा है। ऐसे में इस आग को बुझाने के लिए कौन सामने आया? संयुक्त राष्ट्र नहीं, यूरोप नहीं, बल्कि पाकिस्तान! जी हाँ, इस्लामाबाद के राजनयिक आज वाशिंगटन और तेहरान के बीच खड़े होकर उस संघर्ष विराम (Ceasefire) की कोशिश कर रहे हैं, जिसकी हिम्मत किसी और ने नहीं दिखाई. लेकिन सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान वाकई अकेला है? या फिर कहानी चीन ने लिखी, मंच तैयार किया और पाकिस्तान के हाथ में बस माइक थमा दिया?