पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अब यमन के आसपास के समुद्री इलाके भी एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. होर्मुज स्ट्रेट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच अदन की खाड़ी में एक कार्गो शिप पर हमला करने की कोशिश की गई. इस दौरान जहाज की सुरक्षा टीम और हथियारबंद लोगों के बीच गोलीबारी भी हुई.
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा निगरानी एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि यह घटना बुधवार तड़के यमन के बलहाफ तट से करीब 88 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में हुई. एजेंसी के मुताबिक, एक छोटी नाव में सवार छह हथियारबंद लोग एक कार्गो शिप के करीब पहुंचे और संदिग्ध गतिविधियां शुरू कर दीं.
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रिपोर्ट के मुताबिक, जब हथियारबंद लोग जहाज के नजदीक पहुंचे तो जहाज पर मौजूद सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक गोलीबारी हुई. जवाबी कार्रवाई के बाद हमलावर पीछे हट गए और वहां से लौट गए. इस घटना में किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की जानकारी नहीं दी गई है.
किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली!
अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन घटना ऐसे समय हुई है जब यमन के हूती विद्रोहियों ने हाल ही में लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी. इसी वजह से इस हमले को लेकर हूती लड़ाकों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.
यमन में ईरान समर्थित हूती समूह पिछले कई वर्षों से लाल सागर और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास सक्रिय रहा है. इजरायल-हमास युद्ध और हालिया ईरान-अमेरिका तनाव के बाद हूती विद्रोहियों ने कई बार इजरायल और उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों पर हमले किए हैं. इन हमलों के कारण दुनिया की कई बड़ी शिपिंग कंपनियों ने लाल सागर मार्ग का इस्तेमाल कम कर दिया है.
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... तो वैश्विक व्यापार पर गंभीर असर होगा!
समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अदन की खाड़ी और लाल सागर में सुरक्षा स्थिति और बिगड़ती है तो वैश्विक व्यापार पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है. सामान्य तौर पर एशिया और यूरोप के बीच व्यापार करने वाले जहाज स्वेज नहर और लाल सागर मार्ग का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन लगातार हमलों और सुरक्षा खतरों के कारण कई कंपनियां अब अफ्रीका के दक्षिणी सिरे केप ऑफ गुड होप के रास्ते लंबा मार्ग चुन रही हैं.
इसका सीधा असर सप्लाई की लागत, ईंधन खपत और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट, लाल सागर और अदन की खाड़ी तीनों क्षेत्रों में एक साथ बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.