ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल के युद्ध को अब 25 दिन गुजर चुके हैं. जगह-जगह हमलों और बमबारी के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सीजफायर की अटकलें सामने आ रही हैं.
कहा जा रहा है कि स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर और मोहम्मद बगेर गलीबाफ के जरिए ट्रंप डिप्लोमेसी की राह तलाश रहे हैं.
खबरें हैं कि विटकॉफ और कुशनर अमेरिकी हितों और इजरायल के साथ तालमेल बिठा रहे हैं. जबकि गलीबाफ ईरान की ओर से बातचीत की मेज पर शर्तें रख रहे हैं. अब सवाल ये है कि आखिर सुलह की राह में रहनुमा बनने वाले ये तीन लोग कौन हैं?
स्टीव विटकॉफ
स्टीव विटकॉफ न्यूयॉर्क के एक बड़े अमेरिकी रियल स्टेट डेवलपर, इन्वेस्टर और विटकॉफ ग्रुप के फाउंडर हैं. वो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुत पुराने और करीबी दोस्त हैं. ट्रंप ने उन्हें ईरान के साथ शांति वार्ता करनेके लिए अपना विशेष दूत बनाया है. हालांकि विटकॉफ का कोई कूटनीतिक बैकग्राउंड नहीं है, इसके बावजूद वो ईरान के साथ बातचीत करने में अमेरिका की तरफ से अहम भूमिका निभा रहे हैं.
जेरेड कुशनर
जेरेड कुशनर डोनाल्ड ट्रंप के दामाद हैं. कुशनर की शादी ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप से हुए है. दामाद होने के साथ-साथ कुशनर पिछले कार्यकाल में ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार भी रह चुके हैं. उन्होंने ट्रंप के इजरायल-हमास युद्ध को खत्म करने में भी खास रोल अदा किया था. अब एक बार फिर जेरेड ईरान के साथ जंग खत्म करने के लिए पर्दे के पीछ से ट्रंप की मदद कर रहे हैं.
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मोहम्मद बगेर गलीबाफ
मोहम्मद बगेर गलीबाफ ईरान की संसद (मजलिस) के अध्यक्ष हैं और देश के एक बहुत शक्तिशाली नेता हैं. वो ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' (IRGC) के पूर्व कमांडर और तेहरान के मेयर रह चुके हैं. ईरान की राजनीति में वो एक बड़ा नाम हैं और सीधे तौर पर सुरक्षा बलों और सुप्रीम लीडर के करीब रहे हैं. ऐसे में अमेरिका के साथ किसी भी समझौते में वो ईरान की तरफ से अहम भूमिका अदा कर सकते हैं.