अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत में अफीम उत्पादन को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की है. हालांकि, भारत अब भी वाशिंगटन की अवैध नशीले पदार्थों के ट्रांजिट और उत्पादन वाले देशों की सूची में शामिल है.
अमेरिकी विदेश विभाग के एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध अफीम की खेती से निपटने और सप्लाई चेन की विश्वसनीयता को मज़बूत करने के लिए PM मोदी और भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की है. अमेरिका की ओर से यह भी कहा गया कि वह 'US-इंडिया ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क' के जरिए भारत के साथ आगे भी सहयोग जारी रखना चाहता है.
2027 के लिए अमेरिका ने भारत को अवैध नशीले पदार्थों के उत्पादन या ट्रांजिट वाले प्रमुख देशों की सूची में 20 अन्य देशों के साथ रखा है. इस सूची में भारत के अलावा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन, मैक्सिको, कोलंबिया और वेनेजुएला जैसे देश शामिल हैं. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कहा है कि आधिकारिक सूची में शामिल होने का मतलब ये नहीं है कि संबंधित देश की सरकार नशीले पदार्थों से निपटने में विफल रही है.
उनके मुताबिक, कुछ देश नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद अपनी भौगोलिक स्थिति, अर्थव्यवस्था और व्यापारिक परिस्थितियों के कारण ड्रग्स के ट्रांजिट रूट या उत्पादन वाले इलाके बन जाते हैं.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग कार्टेल और नार्को-टेररिस्ट नेटवर्क को खत्म करने में अपने प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को ऐतिहासिक प्रगति बताया है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी दक्षिणी सीमा पर सख्त नियंत्रण के बाद नशीले पदार्थों की बरामदगी में आधे से ज्यादा की कमी आई है.
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका में ड्रग ओवरडोज से होने वाली मौतों में भारी कमी आई है. ट्रंप के मुताबिक, ड्रग्स के कारोबार से जुड़े कई नार्को टेररिस्ट या तो मारे जा चुके हैं, या जेल में हैं. या फिर अमेरिकी कानून के डर में हैं. उनका कहना है कि अमेरिकी सेना को देश के बाहर मौजूद नार्को टेररिस्ट खतरों के खिलाफ सीधे कार्रवाई करने का अधिकार भी दिया गया है.