अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है. इस ऑपरेशन में ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं.
अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने काफी सख्त रुख अपना लिया है. खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में कई हमले शुरू कर दिए हैं.
ईरान ने मिसाइल दागकर जवाबी कार्रवाई की है, जिससे तनाव और गहरा गया है. लेबनान, यमन और सीरिया समेत मध्य पूर्व के कई हिस्सों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
ट्रंप की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दे दी है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि “ईरान ने कहा है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करेंगे, जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया. बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई.
पाकिस्तान में 12 लोगों की मौत
खामेनेई की मौत के बाद दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. पाकिस्तान में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. कराची में उग्र भीड़ ने अमेरिकी दूतावास परिसर के बाहर हिंसक प्रदर्शन किया. स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर अमेरिकी कॉन्सुलेट में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की. इस घटना में अब तक 12 लोगों के मारे जाने की सूचना है.