एक और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर किसी भी तरह की सैन्य हमले टालने के संकेत दे रहे हैं. तो दूसरी ओर अमेरिकी सरकार ने ईरानी जनता से ऐसी अपील की है कि मामला शांत होता नहीं दिख रहा है. अमेरिका ने ईरान पर और दबाव बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है.
अमेरिकी सरकार ने ईरान के नागरिकों से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गतिविधियों से संबंधित जानकारी शेयर करने की अपील की है. यह अपील अमेरिका के "रिवॉर्ड फॉर जस्टिस" प्रोग्राम के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य आतंकवादी या अस्थिर गतिविधियों में लिप्त समूहों की जानकारी जुटाकर उन्हें कमजोर करना है.
अमेरिकी सरकार के बयान में कहा गया है कि ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक अरबों डॉलर की अपनी जनता की संपत्ति IRGC पर खर्च कर रही है. अमेरिका का आरोप है कि यह पैसा ईरान के लोगों को दबाने, हिंसा फैलाने और सत्ताधार बनाने के लिए इस्तेमाल हो रही है. इस वजह से अमेरिका ने IRGC की आर्थिक नसों को काटने की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि ईरान में हो रही हिंसा को रोका जा सके.
अमेरिका ने ईरान के लोगों से आग्रह किया है कि वे IRGC के नेटवर्क, इकोनॉमिक सिस्टम और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी प्रदान करें. जो लोग ऐसी जानकारियां देंगे, उन्हें इनाम दिया जाएगा और उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर रिलोकेशन करने की व्यवस्था भी की जाएगी. यह पहल पहले भी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है.
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विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को और गहरा कर सकता है. IRGC को ईरान की पॉवर स्ट्रक्चर में एक जरुरी स्तंभ माना जाता है और उस पर पहले से ही अमेरिका द्वारा कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं.
इस अपील के माध्यम से अमेरिका न केवल IRGC की आर्थिक क्षमता को कमजोर करना चाहता है, बल्कि उसकी अंतरराष्ट्रीय प्रभावशाली गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ाना चाहता है.
यह कदम उस समय आया है जब ईरान के अंदर सड़कों पर खामेनेई शासन के ख़िलाफ़ विद्रोह कर रहे हैं और विदेशी दबाव दोनों तीव्र हो रहे हैं. अमेरिका की यह कार्रवाई ईरानी शासन के भीतर फूट डालने और IRGC की ताकत को कम करने की कोशिश का हिस्सा है.