अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव लगातार गहराता जा रहा है. अमेरिका ने लगातार आठवें दिन ईरान पर हमला किया है. अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर 18 जुलाई को रात 11:30 बजे ईरान पर फिर हमले किए. अमेरिका ने लगातार आठवीं रात ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है .
अमेरिकी सेंट्रल कमान ने बताया कि इस अभियान के दौरान ईरानी सेना की कोस्टल सर्विलांस और हवाई रक्षा सुविधाओं, समुद्री सैन्य क्षमताओं तथा मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज को निशाना बनाया गया. इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था. इसके अलावा, अमेरिकी सैन्य बलों ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के उन ठिकानों को भी निशाना बनाया, जिन पर 17 जुलाई को जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमले करने का आरोप है.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार ईरान को लेकर धमकियां दे रहे हैं. मिडिल ईस्ट में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमान के अनुसार, ये सभी सैनिक पूरी तरह सतर्क, कार्रवाई के लिए तैयार और मिशन पर फोकस हैं.
ईरान ने अमेरिका को दी धमकी
ईरान ने अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आर-पार की जंग की चेतावनी दी है. ईरानी सुप्रीम लीडर के शीर्ष सैन्य सलाहकार और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व प्रमुख मोहसिन रेजाई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका लगातार हमले जारी रखता है, तो ईरान बड़े पैमाने पर आक्रामक सैन्य अभियान शुरू करेगा.
बता दें कि युद्धविराम टूटने के एक सप्ताह बाद शनिवार को ईरान की ओर से अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों और जॉर्डन पर भीषण हमला किया गया. पूर्व आईआरजीसी प्रमुख मोहसिन रेजाई ने ईरानी स्टेट टेलीविजन पर लाइव संबोधन के दौरान अमेरिका को सीधी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अमेरिका को तनाव बढ़ाना बंद करना चाहिए. यदि हवाई हमले जारी रहे, तो ईरान रक्षात्मक रणनीति छोड़कर 'फुल-स्केल आक्रामक ऑपरेशन्स' शुरू कर देगा.