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भारत की कूटनीतिक मार से बिलबिलाया पाकिस्तान, UN महासचिव के सामने गिड़गिड़ाए सेना प्रमुख आसिम मुनीर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बुधवार को रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की. सेना के मुताबिक बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर विवाद, भारत के सिंधु जल संधि स्थगित रखने और अफगानिस्तान से आने वाले आतंकवाद पर चर्चा हुई.

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की (Photo: AFP)
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की (Photo: AFP)

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बुधवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की. यह बैठक रावलपिंडी में सेना के मुख्यालय (जीएचक्यू) में हुई. बातचीत में आपसी हित के मुद्दों, क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और शांति कायम करने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर चर्चा हुई. पाकिस्तानी सेना के मुताबिक दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर विवाद, भारत के सिंधु जल संधि को स्थगित रखने और अफगानिस्तान से निकलने वाले आतंकवाद पर भी विचार साझा किए. गुटेरेस तीन दिन के सरकारी दौरे पर मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचे थे.

मुलाकात के दौरान मुनीर ने दुनिया में शांति के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में पाकिस्तान के योगदान का भी जिक्र किया. सेना ने बताया कि मुनीर ने गुटेरेस की अगुवाई में शांति, स्थिरता और मानवीय सहयोग बढ़ाने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका की तारीफ की.

वहीं गुटेरेस ने आतंक के खिलाफ जंग और संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में पाकिस्तान और उसके सशस्त्र बलों की कुर्बानियों और योगदान को सराहा. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए पाकिस्तान की लगातार प्रतिबद्धता को भी माना.

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अब बात उस मुद्दे की, जिसका जिक्र बैठक में हुआ. भारत ने पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले के कुछ ही समय बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. इस हमले में 26 आम नागरिकों की जान गई थी. संधि रोकना भारत के उन कई सख्त राजनयिक और आर्थिक कदमों में से एक था, जो हमले के बाद उठाए गए. दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत का रुख साफ है. नई दिल्ली का कहना है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अटूट हिस्से थे, हैं और हमेशा रहेंगे.

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मंगलवार को वे राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मिले. जरदारी ने उन्हें उनकी बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय सेवा, नेतृत्व और वैश्विक शांति व विकास में योगदान के लिए निशान-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया. यह पाकिस्तान के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में से एक है. उन्होंने उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से भी बातचीत की. मंगलवार को ही गुटेरेस भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) के दफ्तर भी गए.

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