ब्रिटेन में ईरान की खुफिया सेवा की मदद करने के शक में दो लोगों को दोबारा गिरफ्तार किया गया है. ब्रिटिश पुलिस ने मंगलवार को बताया कि दोनों पर पिछले महीने इंग्लैंड में अमेरिकी नियंत्रण वाले एयरबेस को निशाना बनाने की कथित साजिश में ईरान की खुफिया सेवा की मदद करने का शक है.
काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में 24 साल का एक ब्रिटिश नागरिक और 25 साल का एक ब्रिटिश-ईरानी नागरिक शामिल है. दोनों को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले दोनों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन आगे की जांच के लिए उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया था.
पुलिस 27 सितंबर को पश्चिमी इंग्लैंड के RAF Fairford स्थित अमेरिकी नियंत्रण वाले एयरबेस के खिलाफ कथित साजिश की जांच कर रही है. यह एयरबेस इस साल के युद्ध के दौरान ईरान पर बमबारी के लिए इस्तेमाल किया गया था. एक संदिग्ध को 27 सितंबर को और दूसरे को 1 अक्टूबर को पहली बार गिरफ्तार किया गया था. घटना के बाद एयरबेस के पास रहने वाले कई लोगों को उनके घरों से बाहर निकाला गया था. सशस्त्र पुलिस अधिकारियों और सेना के बम निरोधक विशेषज्ञों ने इलाके में जांच की थी. पुलिस को तीन वैन में गैसोलीन यानी ज्वलनशील पदार्थ मिला था, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला.
तेहरान से जोड़ा गया था मामला
ब्रिटिश अधिकारियों ने इस घटना को तेहरान से जोड़ा है. घटना के बाद अमेरिका ने RAF Fairford से अपने बमवर्षक विमानों को हटा लिया था. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा था कि यह साजिश 'लगभग निश्चित रूप से' ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी IRGC की ओर से थी. हालांकि, ईरान ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है.
इस मामले में 20 साल की उम्र के पांच अन्य लोगों को भी पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें आगे की जांच के लिए जमानत पर छोड़ दिया गया. अब तक किसी पर आरोप तय नहीं किया गया है. ब्रिटेन की नेशनल काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग के प्रमुख लॉरेंस टेलर ने कहा कि यह बेहद जटिल और अभी जारी जांच है. उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं को ईरानी राज्य की संलिप्तता की संभावना बहुत अधिक लगती है और वे इसकी भूमिका और साजिश के मकसद की जांच कर रहे हैं.
ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI5 के प्रमुख केन मैक्कलम ने पिछले सप्ताह कहा था कि ईरान और रूस, ब्रिटेन में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं. उनके मुताबिक, पिछले एक साल में ईरान से जुड़े मामलों में 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.