अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ करीब तीन घंटे चली उनकी बैठक में कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहेगी. यह बैठक बुधवार को हुई, ऐसे वक्त में जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और गाजा में जारी युद्ध को लेकर कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं.
'बातचीत अच्छी लेकिन बेनतीजा रही'
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि बातचीत 'बहुत अच्छी' रही, लेकिन इससे कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. उन्होंने लिखा, 'कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ, सिवाय इसके कि मैंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहे, ताकि देखा जा सके कि कोई समझौता हो सकता है या नहीं.'
ट्रंप ने आगे कहा, 'अगर समझौता हो सकता है तो वही बेहतर होगा. अगर नहीं हो सकता, तो फिर देखना होगा कि नतीजा क्या होता है.' हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि नेतन्याहू उनकी इस राय से सहमत थे या नहीं.
ईरान पर अमेरिका का बढ़ता दबाव
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की पिछली सैन्य कार्रवाई का भी जिक्र किया और चेतावनी दी कि अगर बातचीत विफल रही तो इसके 'नतीजे' हो सकते हैं. उन्होंने कहा, 'पिछली बार जब ईरान ने समझौता न करने का फैसला किया था, तो उस पर ‘मिडनाइट हैमर’ के तहत हमला किया गया था- और वह उनके लिए अच्छा नहीं रहा.' यह टिप्पणी जून 2025 में ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की ओर से किए गए हमलों के संदर्भ में थी.
ट्रंप ने कहा, 'उम्मीद है कि इस बार वे ज्यादा समझदारी और जिम्मेदारी दिखाएंगे.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि बैठक में गाजा युद्ध और मिडिल ईस्ट के व्यापक हालात पर भी चर्चा हुई. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इन मुद्दों पर क्या प्रगति हुई या कोई ठोस कदम तय किए गए.
नेतन्याहू ने सुरक्षा चिंताओं पर दिया जोर
दूसरी ओर, नेतन्याहू के कार्यालय ने अलग बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री ने बैठक में इजरायल की सुरक्षा जरूरतों पर जोर दिया. बयान में कहा गया, 'प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान इजरायल की सुरक्षा आवश्यकताओं को प्रमुखता से रखा और दोनों नेताओं ने करीबी समन्वय (coordination) और लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई.' प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह भी कहा कि बातचीत में ईरान, गाजा और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी अंतिम नतीजे का जिक्र नहीं किया गया, जैसा कि ट्रंप के बयान में भी था.