चीन के तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार शाम 7 तीव्रता का भूकंप आया. इस भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 लोग घायल हुए हैं. भूकंप के झटकों से उत्तरी क्षेत्र के नागकू शहर में सैकड़ों घर ढह गए. अधिकारियों के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान अभी जारी है.
नागकू मीडिया कार्यालय ने शहर सरकार के अधिकारियों के हवाले से बताया कि भूकंप के बाद कम से कम 339 घर ढह गए हैं. मलबे में फंसे लोगों की तलाश और बचाव का काम जारी है. घायलों में 11 लोगों की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि 21 लोगों को मामूली चोटें आई हैं.
भूकंप से प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिए पुलिस और दमकल विभाग की बचाव टीमें मौके पर काम कर रही हैं. विस्थापित लोगों के रहने के लिए टेंट भी लगाए जा रहे हैं.
पांच साल में क्षेत्र का सबसे बड़ा भूकंप
चीन के सरकारी प्रसारक CCTV के मुताबिक, यह पिछले पांच वर्षों में तिब्बत क्षेत्र में आया सबसे बड़ा भूकंप है. भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 10:33 बजे आया. इसका केंद्र नागकू शहर से 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित था. यह इलाका कम आबादी वाला और समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है. USGS ने भूकंप की गहराई 18 किलोमीटर बताई है.
भूकंप की गहराई को लेकर अलग-अलग जानकारी
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर के हवाले से भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर बताई है. वहीं, USGS के मुताबिक इसकी गहराई 18 किलोमीटर थी. नागकू तिब्बत की राजधानी ल्हासा से 300 किलोमीटर से ज्यादा उत्तर में स्थित है. भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी है और अधिकारियों की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
हाल में बाढ़ से भी प्रभावित हुआ था क्षेत्र
यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब कुछ हफ्ते पहले नेपाल-चीन बॉर्डर के पहाड़ी इलाकों में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई थी. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, जबकि हजारों लोग लापता हो गए थे. अगस्त के आखिर में नेपाल और चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की सीमा के पास एक ग्लेशियर ढहने से भूस्खलन और अचानक बाढ़ आई थी, जिससे निचली घाटियों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था.