अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों तक चला भीषण युद्ध आखिरकार एक ऐतिहासिक शांति समझौते के साथ खत्म हो गया है. 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में ईरान को सैन्य, आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे पर भारी कीमत चुकानी पड़ी. कई बड़े सैन्य ठिकाने तबाह हुए, शीर्ष नेतृत्व को नुकसान हुआ और देश की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा. इसके बावजूद अमेरिका के साथ बनी नई सहमति में ईरान को ऐसी 7 बड़ी बातें मिली हैं, जिन्हें वह अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत के तौर पर देख रहा है.
इस संघर्ष के शुरुआती दिनों में ही ईरान को सबसे बड़ा रणनीतिक झटका लगा था. अमेरिकी और इजरायली हमलों में उसके सर्वोच्च नेता खामेनेई सहित कई टॉप सैन्य कमांडरों की जान चली गई, साथ ही देश के कई महत्वपूर्ण परमाणु केंद्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा. हालांकि इस युद्ध में अमेरिका को भी अरबों डॉलर के हथियारों की तबाही और भारी आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की नाकेबंदी कर दी थी, जिससे पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई रुक गई और वैश्विक बाजार में महंगाई का दबाव बेहद बढ़ गया.
डील में ईरान को मिलीं ये 7 बड़ी राहतें
इतनी भारी तबाही और अपने शीर्ष नेताओं को खोने के बाद भी ईरान कूटनीतिक मोर्चे पर बातचीत के जरिए अमेरिका से ये 7 बड़ी राहतें पाने में सफल रहा.