मिडिल ईस्ट की जंग की आंच खाड़ी देशों में साफ महसूस की जा रही है. डर और दहशत के बीच अभी भी ईरान की मिसाइलें अमेरिकी एयरबेस और इजरायली ठिकानों के अलावा खाड़ी देशों में बरस रही हैं. बुधवार को भी कतर की राजधानी दोहा में कई धमाके हुए.
ऐसे में कतर ने साफ कर दिया है कि जब तक उस पर हमले हो रहे हैं, तब तक वह ईरान और अन्य देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभा सकता.कतर के विदेश मामलों के मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज अल-खुलैफी अल-जजीरा टीवी को दिए इंटरव्यू में ईरानी हमलों की खलुकर निंदा की.
ईरान को सख्त संदेश
उन्होंने कहा कि कतर और ओमान दोनों ने ईरान और पश्चिमी देशों के बीच संबंध सुधारने के लिए पुल बनाने की कोशिश की. इसके बावजूद उन पर हमले हुए. खुलैफी ने साफ किया कि ऐसे में उनका देश हमले के दौरान मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभा सकता और ईरान को यह समझना चाहिए.
कतर के मंत्री ने साफ किया कि गल्फ के देश ईरान के दुश्मन नहीं हैं, लेकिन ईरान इस बात को समझ नहीं रहा है.
दोहा में कई धमाके
इससे पहले बुधवार को कतर की राजधानी दोहा में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश की सशस्त्र सेनाओं ने कतर को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया.
कतर के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, 'सुरक्षा खतरे का स्तर बहुत अधिक है'. मंत्रालय ने आम लोगों से अपील की कि सभी लोग घर के अंदर रहें और बाहर न निकलें. खिड़कियों और खुले स्थानों से दूर रहें, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा बनी रहे.