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Happy Rebirthday? किसी ने बदला जन्मदिन, किसी ने चुना नया दिन, क्या है 'रीबर्थडे' का नया ट्रेंड

"रीबर्थडे" का ट्रेंड लोगों को अपनी जिंदगी के खास पलों को नए तरीके से सेलिब्रेट करने का मौका दे रहा है. कोई कैंसर से लड़ाई जीतने की तारीख को यादगार बना रहा है, तो कोई अपनी नई पहचान या जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ को.

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Happy Rebirthday (Photo-Pexels)
Happy Rebirthday (Photo-Pexels)

क्या आपके दिमाग में भी कभी ऐसा ख्याल आया है कि काश मेरा बर्थडे सर्दियों में न होता या गर्मियों में न होता. कनाडा में ऐसी ही सोच रखने वाले लोगों ने रीबर्थडे का चलन शुरू कर दिया है. लोग अपनी मर्जी के हिसाब से अपने बर्थडे का दिन चुन रहे हैं ताकि इसे खुलकर सेलिब्रेट कर सकें. वो अपनी असली बर्थ डेट के अलावा एक और खास दिन चुन रहे हैं, जिसे वे "रीबर्थडे" कहते हैं.

ओटावा में रहने वाली कैथी ब्रेडेक का जन्म जनवरी की शुरुआत में हुआ था. नए साल के तुरंत बाद आने वाला उनका जन्मदिन अक्सर फीका रह जाता था. लोग छुट्टियों से थके होते, बजट भी सीमित होता और किसी में पार्टी का खास उत्साह नहीं रहता.

कैथी बताती हैं कि बचपन में घर की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी. छह भाई-बहनों वाले परिवार में अक्सर उन्हें यही सुनने को मिलता था कि क्रिसमस पर मिला उपहार ही उनका जन्मदिन का तोहफा भी है.

40 साल की उम्र के करीब पहुंचकर उन्होंने एक अलग फैसला लिया. उन्होंने अपना जन्मदिन अगस्त में मनाना शुरू कर दिया. (कनाडा में गर्मियों का मौसम लोग खुलकर एन्जॉय करते हैं)

कुछ रिश्तेदारों को यह अजीब लगा. कुछ ने इसे स्वार्थी भी कहा, लेकिन कैथी को इसकी परवाह नहीं थी.

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वह हंसते हुए कहती हैं, "अचानक मेरा जन्मदिन गर्मियों में आने लगा. लोग बाहर बैठकर जश्न मनाने को तैयार रहते थे. कई बार लॉन्ग वीकेंड भी मिल जाता था. मुझे यह बहुत पसंद आया."

कैथी करीब 20 साल तक अगस्त में अपना जन्मदिन मनाती रहीं.

अब जब कैथी रिटायरमेंट की उम्र में पहुंच चुकी हैं, तो उन्होंने फिर से जनवरी वाले अपने असली जन्मदिन को अपनाने का फैसला किया है.

वह कहती हैं कि अब उनके पास समय है, इसलिए जनवरी में कहीं गर्म जगह घूमने भी जा सकती हैं.

कैथी का कहना है. "जन्मदिन आपका होता है. अगर आप उसे किसी और दिन मनाना चाहते हैं, तो लोगों की राय की चिंता मत कीजिए."

वह मुस्कुराते हुए कहती हैं, "कानूनी तौर पर आप अपनी जन्मतिथि नहीं बदल सकते, लेकिन जश्न कब मनाना है, यह फैसला आपका है. आखिर यह आपका दिन है."

क्या होता है रीबर्थडे?

रीबर्थडे कोई कानूनी जन्मदिन नहीं होता. यह वह तारीख होती है जिसे कोई व्यक्ति खुद चुनता है. यह किसी बड़ी उपलब्धि, जिंदगी बदल देने वाले अनुभव, गंभीर बीमारी से ठीक होने या किसी नए जीवन अध्याय की शुरुआत से जुड़ी हो सकती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में लोग अपनी पहचान और जीवन के अहम पड़ावों को अपने तरीके से सेलिब्रेट करना चाहते हैं. यही वजह है कि रीबर्थडे जैसी सोच लोगों को आकर्षित कर रही है.

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जब जिंदगी दोबारा मिली

टोरंटो की जाहनिस गिलन के लिए रीबर्थडे सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि जिंदगी का दूसरा मौका है. 2018 में उन्हें ल्यूकेमिया होने का पता चला. डॉक्टरों ने कहा कि उनकी जान बचाने के लिए स्टेम सेल ट्रांसप्लांट जरूरी है.

उनके कोई भाई-बहन या बच्चे नहीं थे, इसलिए उन्हें एक अनजान डोनर पर भरोसा करना पड़ा. जाहनिस को आज भी वह दिन याद है जब उन्हें डोनर मिला था.

वह कहती हैं, "मैं उस बैग को देख रही थी और सोच रही थी कि कहीं कोई ऐसा इंसान है जिसने मुझे बचाने के लिए यह दान दिया है." ट्रांसप्लांट के बाद उनका ब्लड ग्रुप तक बदल गया. तब से हर साल अगस्त में वह उस दिन को अपना रीबर्थडे मानकर मनाती हैं.

कुछ साल बाद उनकी मुलाकात जर्मनी में रहने वाली उनकी डोनर से भी हुई. जाहनिस कहती हैं कि वह पल उनकी जिंदगी के सबसे भावुक पलों में से एक था.

उनके लिए अब अगस्त का दिन सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि नई जिंदगी का जश्न है.

जब खुद को पहचानने का दिन बन गया नया जन्मदिन

ओटावा की नताली मूर्स के लिए रीबर्थडे का मतलब कुछ और है. वह उस दिन को अपना रीबर्थडे मानती हैं, जब उन्हें एहसास हुआ कि वह ट्रांसजेंडर हैं.

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नताली बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें डर था कि परिवार और आसपास के लोग इसे कैसे स्वीकार करेंगे लेकिन उन्हें अपने करीबियों का साथ मिला.

उनकी पत्नी ने उनके पहले रीबर्थडे पर एक छोटी-सी पार्टी रखी और ट्रांसजेंडर प्राइड के रंगों वाला केक भी मंगवाया.

नताली कहती हैं, "उस दिन मुझे लगा कि मैं अपनी जिंदगी सही दिशा में जी रही हूं."

हालांकि वह आज भी अपना असली जन्मदिन मनाती हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि उनका रीबर्थडे उनके दिल के ज्यादा करीब है.

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