अमेरिका के कुछ खुफिया दस्तावेज लीक हुए हैं जिनसे पता चला है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उनके करीबी ही धोखा देने की योजना बना रहे हैं. इन टॉप सीक्रेट दस्तावेजों में बताया गया है कि पुतिन किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनका किसी गुप्त स्थान पर इलाज चल रहा है.
ब्रिटेन के अखबार द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन लीक दस्तावेजों से पता चलता है कि रूस के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ वेलेरी गेरासिमोव और रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाई पैत्रुशेव ने पुतिन को धोखा देने की योजना बनाई है. हालांकि, इस रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि पुतिन किस बीमारी से जूझ रहे हैं.
लेकिन ऐसी अफवाहें हैं कि पुतिन कैंसर से पीड़ित हैं. हालांकि, अभी तक किसी ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है.
दरअसल यह रिपोर्ट बीते हफ्ते लीक हुए अमेरिका के कुछ खुफिया दस्तावेजों का ही हिस्सा है. इन दस्तावेजों में पुतिन की मेडिकल कंडीशन, पुतिन के करीबियों से धोखा मिलने की योजना और रूस-यूक्रेन युद्ध सहित दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों से रूस के संबंधों का ब्योरा शामिल है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका के लगभग 100 डॉक्यूमेंट्स लीक हुए हैं, जिनमें कई तरह के सनसनीखेज खुलासे किए गए हैं.
'पुतिन को लगता है डर'
इससे पहले एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन डर के साये में जी रहे हैं. रिपोर्ट में पुतिन की पर्सनल सिक्योरिटी टीम के सदस्य रहे ग्लेब काराकुलोव के हवाले से बताया गया था कि पुतिन वॉर क्रिमिनल बन गए हैं. पुतिन को हमेशा डर लगा रहता है कि कोई उनकी हत्या कर देगा. वो अपना ज्यादातर समय कजाकिस्तान स्थित रूसी एंबेसी में बने बंकर में गुजारते हैं. इस बंकर में एक सुरक्षित कम्युनिकेशन लाइन भी है.
काराकुलोव ने दावा किया था कि उन्होंने पुतिन के साथ 180 बार से भी ज्यादा यात्रा की है. पुतिन विमान से जाने की बजाय एक बख्तरबंद ट्रेन के जरिए यात्रा करते हैं, क्योंकि उन्हें डर बना रहता है कि फ्लाइट को ट्रैक किया जा सकता है.
'पुतिन ने बना रखी है अपनी दुनिया'
पर्सनल सिक्योरिटी टीम के सदस्य रहे ग्लेब काराकुलोव ने बताया था कि पुतिन ने एक तरह से अपनी अलग दुनिया बना रखी है, जिसमें फायरफाइटर्स, फूड टेस्टर और बाकी दूसरे इंजीनियर हैं जो हमेशा उनकी विदेश यात्रा में उनके साथ रहते हैं. वे पुतिन को बॉस कहते हैं, हर दिन उनकी पूजा करते हैं और सिर्फ उन्हीं से बात करते हैं. काराकुलोव ने ये भी दावा किया था कि पुतिन अपनी सिक्योरिटी सर्विस की जानकारी पर बहुत निर्भर हैं.
उन्होंने यह भी बताया गया था कि अक्टूबर 2022 में उनकी कजाकिस्तान की यात्रा के दौरान पुतिन के विमान, हेलिकॉप्टर, याट और यहां तक की रूसी एंबेसी में बने बॉम्ब शेल्टर में एक सीक्रेट कम्युनिकेशन सेटअप किया गया था.