पुणे के एक इंस्टीट्यूट के 84 एमबीए छात्र और 4 फैकल्टी मेंबर्स दुबई में फंसे हुए हैं. संस्थान ने रविवार को बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके चलते हवाई मार्ग बंद होने के कारण उन्हें भारत लौटने में देरी हो रही है. इंदिरा स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज (ISBS) के छात्रों ने पांच दिन के वार्षिक स्टडी टूर के लिए दुबई की यात्रा की थी. ISBS के अधिकारियों ने कहा कि सभी सुरक्षित हैं और उन्हें बुर दुबई के एक होटल में शिफ्ट कर दिया गया है.
होटल में ठहरे सभी छात्र और फैकल्टी मेंबर्स
40 छात्र शनिवार को पुणे लौटने वाले थे, जबकि बाकी 44 छात्र रविवार को फ्लाइट पकड़ने वाले थे. लेकिन एयरस्पेस बंद होने के कारण उनका यात्रा कार्यक्रम रद्द हो गया. विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार सरकार और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है ताकि छात्रों और फैकल्टी की सुरक्षित और जल्द से जल्द वापसी सुनिश्चित की जा सके. ISBS के डीन जनार्दन पवार ने कहा, 'सभी सुरक्षित हैं और होटल में हैं.'
इंदिरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की चेयरपर्सन तारिता शंकर ने कहा कि छात्रों और फैकल्टी की सुरक्षा प्राथमिकता है. हम लगातार छात्रों से संपर्क में हैं और विदेश मंत्रालय और सिविल एविएशन मंत्रालय के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं. जैसे ही एयरस्पेस खुलेंगे, उन्हें जल्द वापस लाया जाएगा.
फिलहाल हालात सामान्य
विश्वविद्यालय ने सभी अभिभावकों को स्थिति की जानकारी दी और छात्रों की सुरक्षा का आश्वासन दिया. इसके साथ ही होटल प्रशासन के साथ सीधे संपर्क में रहते हुए सभी आवश्यक सुविधाओं और आराम की व्यवस्था की गई. ISBS के फैकल्टी मेंबर राहुल पाठक, जो दुबई में छात्रों के साथ हैं, ने कहा कि सभी ठीक हैं.
उन्होंने बताया, 'होटल में रहने की स्थिति अच्छी है, खाना उपलब्ध है, और बाहर की स्थिति सामान्य है. सभी दुकानें खुली हैं.' पुणे जिला प्रशासन ने बताया कि इनके अलावा दुबई में यहां से 10 और लोग फंसे हैं, सभी से संपर्क कर उनकी सुरक्षा की पुष्टि की गई है.
ठाणे के 23 लोग भी दुबई में फंसे
इसी तरह, महाराष्ट्र के ठाणे जिले के 23 लोग, जिनमें 12 वरिष्ठ नागरिक हैं, भी दुबई में फंसे हैं. ये लोग कल्याण, शाहपुर और मुरबाद तालुकों से हैं और 23 फरवरी को पर्यटन के लिए दुबई गए थे. उन्हें रविवार को लौटना था, लेकिन एयरस्पेस बंद होने के कारण यात्रा रद्द हो गई.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को इजरायल और अमेरिका के हमले में मारे जाने की पुष्टि ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार को की. इसके बाद मध्य पूर्व में उड़ानों में रुकावट आई और दुबई में एयर डिफेंस की गोलीबारी भी हुई, जिससे हवाई यात्रा पर असर पड़ा.