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पीएम मोदी का सार्क को पत्र, पाकिस्तान के आतंकवाद को निशाने पर लिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि सार्क देशों के बीच अधिक सहयोग के लिए भारत की कोशिशों को बार-बार आतंकवाद के खतरों से चुनौती मिली है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo- IANS) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo- IANS)

  • सार्क दिवास पर आतंकवाद को लेकर पीएम मोदी का पाकिस्तान पर निशाना
  • कहा- आतंकवाद का समर्थन करने वाली ताकतों के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि सार्क देशों के बीच अधिक सहयोग के लिए भारत की कोशिशों को बार-बार आतंकवाद के खतरों से चुनौती मिली है. पीएम मोदी ने सार्क के स्थापना दिवस पर सार्क सचिवालय को लिखे पत्र में कहा, 'क्षेत्र के सभी देशों को आतंकवाद की बुराई और उसका समर्थन करने वाली ताकतों को हराने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए. ऐसी कोशिशों से एक मजबूत सार्क बनाने के लिए अधिक भरोसा मिलेगा.

पीएम मोदी ने कहा, 'सार्क ने प्रगति की है, लेकिन और अधिक करने की जरूरत है. ज्यादा सहयोग के लिए हमारी कोशिशों को बार-बार आतंकवाद के खतरों से चुनौती मिली है. ऐसा माहौल सार्क की पूरी क्षमता साकार करने के हमारे साझा उद्देश्य को बाधित करता है. यह जरूरी है कि क्षेत्र में सभी देश आतंकवाद की बुराई और उसका समर्थन करने वाली ताकतों को हराने के लिए प्रभावी कदम उठाएं.'

35वें सार्क चार्टर दिवस पर पाक पीएम का संदेश

बता दें कि भारत पिछले तीन सालों से पाकिस्तान में स्थित आतंकवाद के नेटवर्क से क्षेत्र में उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों को बताते हुए सार्क में शामिल नहीं हो रहा है. वहीं, पाकिस्तान भी सार्क का एक सदस्य है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 35वें सार्क चार्टर दिवस पर अपने संदेश में उम्मीद जताई कि दक्षेस के लगातार प्रगति में आया ठहराव समाप्त होगा.

पाकिस्तान विदेश कार्यालय के जारी बयान के अनुसार, 'खान ने सार्क प्रक्रिया के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई और उम्मीद जताई कि इसकी निरंतर प्रगति में आया ठहराव समाप्त होगा, जिससे सार्क देशों को क्षेत्रीय सहयोग के मार्ग पर आगे बढ़ने और अपनी पूरी क्षमता प्राप्त करने में सक्षम होंगे.

आखिरी सार्क शिखर सम्मेलन 2014 में आयोजित हुआ था

बता दें कि आखिरी सार्क शिखर सम्मेलन 2014 में काठमांडू में आयोजित हुआ था, जिसमें पीएम मोदी ने हिस्सा लिया था. साल 2016 में सार्क शिखर सम्मेलन इस्लामाबाद में आयोजित होना था, लेकिन उसी साल 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के कैंप पर आतंकवादी हमले के बाद भारत ने उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए सम्मेलन में हिस्सा लेने में अपनी असमर्थता जताई. हालांकि, शिखर सम्मेलन तब रद्द कर दिया गया जब बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी इस्लामाबाद में शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया.

पीएम मोदी ने कहा, 'सार्क की स्थापना एकीकृत और जुड़े हुए दक्षिण एशिया निर्माण के लिए की गई थी जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सभी देशों के विकास और प्रगति को बढ़ावा देना है. भारत विभिन्न क्षेत्रों में नजदीकी सहयोग हासिल करने के लिए विभिन्न पहलों का समर्थन जारी रखे हुए है'.

मालूम हो कि ढाका में 8 दिसंबर 1985 को सार्क के पहले शिखर सम्मेलन के दौरान दक्षिण एशिया के सात राष्ट्रों- मालदीव, भारत, भूटान, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका ने सार्क की स्थापना को लेकर एक घोषणा-पत्र पर दस्तखत किए थे. अफगानिस्तान 2007 में सार्क का 8वां सदस्य राष्ट्र बना था. इसी के उपलक्ष्य में हर साल सार्क चार्टर दिवस मनाया जाता है.

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