ब्रिटेन में एक पाकिस्तानी शरणार्थी को 18 साल की युवती से रेप करने के मामले में 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है. यह घटना नॉटिंघमशायर के एक पार्क में हुई थी, जहां युवती शराब के नशे में थी. अदालत ने आरोपी को समाज के लिए खतरा बताते हुए सजा के बाद चार साल की अतिरिक्त निगरानी (एक्सटेंडेड लाइसेंस) का भी आदेश दिया है.
28 साल का शेराज मलिक 29 जून 2025 को सटन-इन-ऐशफील्ड के सटन लॉन पार्क में मौजूद था. उस समय युवती अपने एक दोस्त के साथ शराब पी रही थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात मलिक और उसके कुछ साथियों से हुई. बाद में युवती का दोस्त थोड़ी देर के लिए वहां से चला गया और उसने मलिक और उसके साथियों से युवती का ध्यान रखने को कहा था.
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दोस्त के जाते ही मलिक युवती को पार्क के एक सुनसान हिस्से में ले गया और उसके साथ रेप किया. युवती ने कई बार विरोध किया, लेकिन आरोपी नहीं रुका. रिपोर्ट के मुताबिक, वारदात के बाद मलिक ने युवती से पूछा, "क्या तुम्हें मजा आया?"
युवती नशे में थे, आरोपी ने उठाया फायदा
मुकदमे के दौरान मलिक ने कहा कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से बने थे. लेकिन जनवरी में जूरी ने उसे रेप के दो मामलों में दोषी करार दिया. पीड़िता ने अदालत में बताया कि वह उस वक्त बहुत डरी हुई थी. उसने कहा, "मुझे 'ना' कहने में भी डर लग रहा था." कोर्ट ने माना कि युवती नशे में थी और बेहद कमजोर हालत में थी, जिसका आरोपी ने फायदा उठाया.
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युवती के सिर और चेहरे पर हमले का आरोप
सजा सुनाते हुए जज साइमन ऐश केसी ने कहा कि मलिक ने जानबूझकर ऐसी युवती को निशाना बनाया जो नशे में थी, अकेली थी और आसपास के लोगों को ठीक से नहीं जानती थी. अदालत ने यह भी कहा कि विरोध करने पर आरोपी ने युवती के सिर और चेहरे पर हमला किया था. घटना के बाद उसने पीड़िता के लिए अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया.
जांच में सामने आया कि मलिक पाकिस्तान में पैदा हुआ था और ब्रिटेन आने से पहले इटली, जर्मनी और फ्रांस में रह चुका था. घटना के समय उसे ब्रिटेन आए एक साल से भी कम वक्त हुआ था. पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि इस घटना ने उसकी पूरी जिंदगी बदल दी. उसे आज भी बुरे सपने आते हैं और वह इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाई है.