भ्रष्टाचार के मामले में नवाज शरीफ को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. अब उनकी पार्टी की सरकार के वित्त मंत्री पर गाज गिरी है. पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत ने वित्त मंत्री इशाक डार को भगोड़ा घोषित किया है.
दरअसल, पनामा दस्तावेज से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में अदालत के बार-बार कहने के बावजूद वो हाजिर नहीं हुए, जिसके बाद अदालत ने यह कदम उठाया.
कार्रवाई शुरू करने के आदेश
डार को भगोड़ा घोषित करते हुए जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहम्मद बशीर ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) से 67 वर्षीय मंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने और 10 दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है.
वित्त मंत्री इशाक डार के वकील ने बताया कि मंत्री इलाज के लिए फिलहाल लंदन में हैं. वकील ने कोर्ट से इशाक डार की व्यक्तिगत पेशी से छूट की अपील की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था.
बता दें कि इशाक डार पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप है. उनके ऊपर 83.17 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा करने का आरोप है.
एनएबी के जांच अधिकारी नादिर अब्बास ने अदालत से कहा कि गैर-जमानती वारंट के बाद भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की एक टीम मंत्री के लाहौर और इस्लामाबाद स्थित निवास गई लेकिन डार वहां नहीं मिले.
कार्रवाई से बचने के लिए लंदन जाने का दावा
जांच अधिकारी ने दावा किया कि मंत्री अदालत की कार्रवाई से बचने के लिए लंदन में हैं. अदालत ने डार के लिए गारंटी देने वाले अहमद अली कुदोसी से भी 24 नवंबर तक इस मामले में जवाब देने को कहा है. अदालत ने उनसे पूछा है कि सुनवाई के दौरान डार की उपस्थिति सुनिश्चित करवाने में विफल रहने के बाद क्यों ना 50 लाख की जमानत राशि जब्त कर ली जाए. मामले की सुनवाई चार दिसंबर तक टाल दी गई है.