यूरोपीय देश स्वीडन में कुरान जलाने की घटना को लेकर जारी विवाद अभी थमा भी नहीं था कि नीदरलैंड में कुरान के अपमान की एक और घटना सामने आई है. नीदरलैंड की इस घटना पर 57 मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) ने सोमवार को बयान जारी करते हुए कहा है, "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में पवित्र कुरान के अलावा इस्लाम या अन्य धर्मों के पवित्र ग्रंथों और प्रतीकों की पवित्रता को अपमान करने के कदम की OIC कड़ी निंदा करता है.
यह नागरिक और राजनीतिक अधिकारों के अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों के अनुच्छेद 19 और 20 की भावना के खिलाफ है. OIC, डच अधिकारियों से ऐसे भड़काऊ कृत्यों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाने का आह्वान करता है, जो धार्मिक घृणा के अंतर्गत आते हैं. यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. साथ ही इस तरह की घटना को रोकने के लिए डच अधिकारियों से पर्याप्त कदम उठाने का भी आह्वान करता है."
The General Secretariat condemns in the strongest terms the provocative act of of a copy of the holy , which was perpetrated on 23 September 2023, in front of the Embassies of some Member States in The Hague, the .
— OIC (@OIC_OCI)
सऊदी अरब और पाकिस्तान ने क्या कहा?
इस्लामिक देश सऊदी अरब ने रविवार को कुरान फाड़ने की घटना की निंदा करते हुए कहा है, "सऊदी अरब इस तरह की निंदनीय और बार-बार होने वाले कृत्यों की कड़ी निंदा करता है. इस तरह के कृत्यों को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता है. इस तरह के कृत्य स्पष्ट रूप से घृणा, नफरत और नस्लवाद को बढ़ावा देते हैं. साथ ही इस तरह की घटनाएं आपसी सम्मान की आवश्यक नींव को कमजोर करते हैं."
वही, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बयान जारी करते हुए कहा है, "पाकिस्तान यूरोपीय देश नीदरलैंड में पवित्र कुरान के अपमान की एक और घटना की कड़ी निंदा करता है. साथ ही यूरोपीय देश (नीदरलैंड) से ऐसे घृणित और इस्लामोफोबिक कृत्यों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का आह्वान करता है."
बयान में आगे कहा गया है, "जानबूझकर उकसाने वाले और इस्लामोफोबिक कृत्य ने दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को आहत किया है. अभिव्यक्ति और विरोध करने की स्वतंत्रता की आड़ में ऐसे कृत्यों को माफ नहीं किया जा सकता है. पाकिस्तान ने पहले भी डच अधिकारियों से अपनी चिंताओं से अवगत कराया था. साथ ही इस तरह के घृणित और इस्लामोफोबिक कृत्यों को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाने का आग्रह किया था."
| The Ministry of Foreign Affairs expresses the Kingdom of Saudi Arabia's strong condemnation and denunciation of the tearing up of copies of the Holy Qur’an by an extremist group in front of a number of embassies in The Hague.
— Foreign Ministry 🇸🇦 (@KSAmofaEN)
OIC देशों के दूतावास के सामने कुरान का अपमान
OIC का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पैट्रियोटिक यूरोपियंस अगेंस्ट द इस्लामाइजेशन ऑफ द वेस्ट (PEGIDA) के नेता एडविन वैगन्सवेल्ड द्वारा हेग स्थित ओआईसी के सदस्य देशों के दूतावास के बाहर कुरान की एक प्रति को पैरों से कुचलने और उसे फाड़ने की घटना सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, एडविन ने तुर्की, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के दूतावास के बाहर कुरान का अपमान किया है. एडविन वैगन्सवेल्ड ने ओआईसी के सदस्य देशों के दूतावास के सामने कुरान के पन्ने फाड़कर फेंक दिए.
🔊: PR NO. 1️⃣8️⃣6️⃣/2️⃣0️⃣2️⃣3️⃣
— Spokesperson 🇵🇰 MoFA (@ForeignOfficePk)
Desecration of the Holy Quran in The Hague, Netherlands
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वैगन्सवेल्ड ने जनवरी में भी इसी तरह के प्रदर्शन के दौरान संसद के बाहर कुरान की एक प्रति फाड़ दी थी और इस्लाम के पवित्र पुस्तक की तुलना एडॉल्फ हिटलर की 'माइन कैम्फ' से की थी.
57 मुस्लिम बहुल देशों का संगठन है OIC
OIC का पूरा नाम ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन है. इसका हेडक्वार्टर सऊदी अरब के जेद्दा शहर में है. यह 57 मुस्लिम बहुल देशों का संगठन है. ओआईसी में गल्फ कंट्री सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का दबदबा माना जाता है. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सद्भाव बनाते हुए मुसलमानों की सुरक्षा करना है.