Nepal Flash Flood Live नेपाल में बाढ़ के बाद आई भारी तबाही में अब तक 392 लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि 1,500 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद 290 भारतीय नागरिकों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनकी तलाश के प्रयास लगातार जारी हैं.
इस बीच, त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और कर्मचारियों को नेपाली सेना की टीम ने रेस्क्यू किया है. इस हाइड्रोपावर में कई भारतीय मजदूर भी काम कर रहे थे. नेपाली सेना ने टनल में फंसे सभी मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया है.
वहीं, नेपाल सरकार के प्लेनेट लैब्स और लैंडसैट की सैटेलाइट तस्वीरों विश्लेषण से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, रसुवागढ़ी सीमा से करीब 18 किलोमीटर ऊपर लेंडे नदी का बहाव पूरी तरह बंद हो गया है.
इस रुकावट के कारण तटीय क्षेत्र में एक अस्थायी झील बन गई है. नेपाल सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस प्राकृतिक झील का बांध टूटने से निचले इलाकों में अचानक भीषण बाढ़ आने का बड़ा खतरा बना हुआ है.
त्रिशूली नदी तिब्बत से निकलने वाली नदी है. ये नदी तिब्बत से नेपाल आती है. यह नदी अपने तेज बहाव और व्हाइट वाटर राफ्टिंग के लिए मशहूर रही है. लेकिन बुधवार को इसी त्रिशूली नदी में ऐसा तूफान और प्रलय आया, जिसने तबाही ला दी.
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नेपाल बाढ़ में महाराष्ट्र के कम से कम 114 पर्यटकों के वहां फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक, इनमें से 53 पर्यटकों के 'सागा मानसरोवर' क्षेत्र में सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है.
इस बीच, बाढ़ में फंसे 114 लोगों में से लगभग 61 पर्यटक 'रिचा टूल्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की ट्रैवल एजेंसी के जरिए यात्रा पर गए थे, वहीं, बाकी लोग व्यक्तिगत रूप से नेपाल पहुंचे थे.
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है. इस विनाशकारी फ्लैश फ्लड में अब तक 392 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं.