भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव बढ़ने की आवाज सुनाई देने के बाद रसुवा, नुवाकोट तथा धादिंग के नदी किनारे के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने इसकी जानकारी दी है. इस बीच भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री की चौथी खेप भेजी है. 11 टन सामान के साथ C-130 सैन्य विमान रवाना हुआ, जिसमें सर्च-रेस्क्यू उपकरणों वाली तकनीकी टीम तथा DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं.
नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड में अब तक 788 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 3,000 लोग लापता बताए जा रहे हैं. खराब मौसम की वजह से राहत और सर्च ऑपरेशन में भी दिक्कत आ रही है. भारतीयों में 275 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं, जबकि 149 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं. करीब 900 भारतीय अभी चीन की तरफ मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं. भारत ने C-130J विमान से नेपाल के लिए 11 टन राहत सामग्री की चौथी खेप भेजी है. इसमें सर्च-रेस्क्यू उपकरण, तकनीकी टीम तथा DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं.
नेपाल बाढ़ से जुड़ी हर नई जानकारी के लिए हमारे लाइव ब्लॉग से जुड़े रहें.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद चलाए जा रहे बचाव अभियानों के तहत 30 अगस्त 2026 की शाम 5:30 बजे तक 149 भारतीय नागरिकों को रेस्क्यू कर दिया गया है.
नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या रविवार को 768 पहुंच गई है. बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश और फंसे लोगों को बचाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं. आठ प्रभावित जिलों से शव बरामद किए गए हैं.
चीन के तिब्बत में नेपाल सीमा के पास 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 546 लोग लापता हैं. इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें 49 भारतीय भी हैं. बाढ़ ने ग्यिरोंग के नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बने इमिग्रेशन पोर्ट को भी बुरी तरह तबाह कर दिया. चीनी अधिकारियों के मुताबिक, कई दौर की तलाश के बाद फिलहाल ग्यिरोंग काउंटी में कोई विदेशी पर्यटक फंसा नहीं है. लापता विदेशी नागरिकों के परिवारों की मदद के लिए चीन ने 24 घंटे चलने वाली दो अंग्रेजी हेल्पलाइन भी शुरू की हैं. इनके नंबर हैं 0086-891-6817165 और 0086-18308026705.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड में अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 3,000 लोग लापता हैं. खराब मौसम की वजह से राहत और सर्च ऑपरेशन में भी दिक्कत आ रही है. भारतीयों में 275 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं, जबकि 108 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है. भारतीय मूल के 128 लोग भी अब तक संपर्क में नहीं हैं.
नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते फंसे नागपुर के 105 नागरिक रविवार को सकुशल अपने घर लौट आए. सभी यात्री सुबह करीब 5 बजे पटना-पूर्णा एक्सप्रेस से नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां परिवारवालों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया. सुरक्षित लौटने की खुशी यात्रियों के चेहरों पर साफ नजर आई. उन्होंने अपनी वापसी के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रशासन का आभार जताया.
(इनपुट: योगेश पांडेय)
नेपाल के सिंधुली स्थित खुरकोट जल मापन केंद्र पर सुनकोशी नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है. इसके बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
(इनपुट: आशुतोष मिश्रा)
भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री के साथ टनल रेस्क्यू की तकनीकी टीम भेजी है. DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ भी पहुंचे हैं. इनके अलावा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट व हाइजीन किट भेजी गई हैं.
(इनपुट: पंकज दास)
भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव बढ़ने की आवाज सुनाई देने के बाद रसुवा, नुवाकोट तथा धादिंग के नदी किनारे के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने इसकी जानकारी दी है.
रासुवा जिला प्रशासन कार्यालय की तरफ से बताया गया है कि भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी बढ़ने की की जानकारी मिली है. इसलिए रासुवा, नुवाकोट और धादिंग तक नदी के आसपास के इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की गई है.
नेपाल ने चीन की सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद जलविद्युत सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए एक्सपर्ट अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है. अब तक 4,451 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है, 626 शव बरामद हुए हैं और करीब 2,400 लोग अब भी लापता हैं.
नेपाल-तिब्बत सीमा पर फ्लैश फ्लड के बाद 275 से ज्यादा भारतीय अब भी लापता हैं, जबकि 108 को बचाया गया है. 598 भारतीय चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं और करीब 900 भारतीय चीन में सुरक्षित हैं.