नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद 275 से ज्यादा भारतीय अब भी लापता हैं, जबकि 108 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को इसकी जानकारी दी. मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय मूल के 128 लोग भी अब तक संपर्क में नहीं हैं.
MEA के अनुसार, पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं. वहीं, करीब 900 भारतीय अभी भी चीन की तरफ मौजूद हैं. मंत्रालय ने बताया कि ये सभी सुरक्षित हैं और उनसे संपर्क किया जा सकता है.
देर रात नई दिल्ली ने भारतीय वायुसेना के C-130J सैन्य परिवहन विमान से नेपाल के लिए 11 टन राहत सामग्री की चौथी खेप भेजी. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि विमान में खोज और बचाव अभियान से जुड़े उपकरणों के साथ एक तकनीकी दल और DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी भेजी गई है.
फोरेंसिक टीम बुधवार को आई फ्लैश फ्लड में मारे गए लोगों के शवों की पहचान करने में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगी. इसके अलावा 230 फुट लंबे ‘सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज’ के उपकरणों से लदे 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं. जयशंकर ने बताया कि सात और बैली ब्रिज लगाने के लिए उपकरण जल्द भेजे जाएंगे. इन्हें लगाने वाली तकनीकी टीमें भी जल्द पहुंचने की उम्मीद है.
नेपाल ने चीन की सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद जलविद्युत सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए एक्सपर्ट अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है. अब तक 4,451 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है, 626 शव बरामद हुए हैं और करीब 2,400 लोग अब भी लापता हैं.
नेपाल-तिब्बत सीमा पर फ्लैश फ्लड के बाद 275 से ज्यादा भारतीय अब भी लापता हैं, जबकि 108 को बचाया गया है. 598 भारतीय चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं और करीब 900 भारतीय चीन में सुरक्षित हैं.