नेपाल में आई भीषण बाढ़ के पीड़ितों की मदद और राहत कार्यों को तेजी देने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश विभाग ने अतिरिक्त वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है. अमेरिकी विदेश विभाग के अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स एवं कानून प्रवर्तन मामलों के ब्यूरो ने नेपाल पुलिस को फोरेंसिक सहायता और डीएनए किट उपलब्ध कराने के लिए 10 लाख डॉलर मंजूर किए हैं. इसके साथ ही अमेरिका की ओर से अब तक कुल 50 लाख डॉलर से ज्यादा की मानवीय, स्वास्थ्य और फोरेंसिक सहायता दी जा चुकी है. प्रभावित क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है.
अमेरिकी मदद में विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के माध्यम से 30 लाख डॉलर की खाद्य एवं लॉजिस्टिक्स सहायता शामिल की गई है. ये सहायता बाढ़ से प्रभावित 10,000 परिवारों को तीन महीने तक आपातकालीन भोजन उपलब्ध कराएगी. संपर्क से कटे हुए दूरदराज समुदायों तक पहुंचने के लिए हवाई और जमीनी परिवहन का इस्तेमाल कर मानवीय आपूर्ति चेन की बाधाओं को दूर किया जा रहा है.
कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज (CRS) के माध्यम से 6,85,000 डॉलर की सहायता भोजन, आश्रय, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और वित्तीय मदद के लिए दी गई है. इसके तहत जरूरी आश्रय सामग्री, भोजन, कंबल, प्लास्टिक शीटिंग, टेंट, सोलर लाइट और डिग्निटी किट बांटी जा रही हैं. बच्चों की मदद के लिए 'चाइल्ड फ्रेंडली' स्थानों का भी संचालन किया जा रहा है.
उधर, झपीगो (Jhpiego), एफएचआई-360 और यूनिसेफ के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के लिए 3,65,000 डॉलर दिए गए हैं. वहीं, एफबीआई (FBI) के फोरेंसिक विशेषज्ञ आपदा पीड़ितों की पहचान के लिए नेपाल पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. ये मानवीय विशेषज्ञता अमेरिकी नागरिकों के परिवारों और त्रासदी के सभी पीड़ितों की पहचान में अधिकारियों का सहयोग कर रही है.
अमेरिकी सेना ने नेपाल के नेतृत्व वाले खोज, बचाव और राहत अभियानों के लिए 5,000 विशेष आपदा पीड़ित रिकवरी सामग्री, 500 फर्स्ट एड किट, स्ट्रेचर और फ्रंट-एंड लोडर उपलब्ध कराए हैं. चार सदस्यीय अमेरिकी सैन्य सिविल अफेयर्स टीम मानवीय और आपदा सहायता परियोजनाओं को संचालित करने के लिए ग्राउंड पर मौजूद है. अमेरिका स्थिति के अनुसार, नेपाल सरकार के साथ मिलकर अतिरिक्त सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार है.