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'बिश्नोई गैंग इटैलियन गैंगस्टर्स की याद दिलाते हैं...', कनाडा के पूर्व मंत्री उज्जल दोसांझ बोले

कनाडा के पूर्व मंत्री उज्जल दोसांझ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह वर्षों से कनाडा में सक्रिय हैं. उन्होंने कहा कि कनाडा वास्तव में 1970 के दशक से ही खालिस्तान आंदोलन का एक प्रमुख आधार बन गया था.

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कनाडा के पूर्व मंत्री उज्जल दोसांझ ने बिश्नोई गैंग को लेकर क्या कहा. (Photo: PTI)
कनाडा के पूर्व मंत्री उज्जल दोसांझ ने बिश्नोई गैंग को लेकर क्या कहा. (Photo: PTI)

कनाडा के पूर्व मंत्री उज्जल दोसांझ ने अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बरार पर खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाए जाने पर प्रतिक्रिया दी है. 

इंडिया टुडे के साथ इंटरव्यू के दौरान दोसांझ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह (ट्रांसनेशनल गैंग) वर्षों से कनाडा में सक्रिय हैं. उन्होंने कहा कि कनाडा वास्तव में 1970 के दशक से ही खालिस्तान आंदोलन का एक प्रमुख आधार बन गया था.

उन्होंने बताया कि समय के साथ यह नेटवर्क नशीले पदार्थों की तस्करी और हत्या जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों तक फैल गया है. उनके मुताबिक, खालिस्तानी उग्रवादियों और अपराधियों के बीच अमेरिका, कनाडा और यूरोप तक फैले नेटवर्क के जरिए गहरे संबंध हैं.

दोसांझ ने मौजूदा हालात की तुलना इतिहास के संगठित अपराध सिंडिकेट्स से करते हुए कहा कि यह मुझे 1920, 1930 और 1940 के दशक के इतालवी माफिया गिरोहों की याद दिलाता है. उस समय वे इटली से अपने आपराधिक सिंडिकेट चलाते थे और अब भारत से ऐसे सिंडिकेट संचालित किए जा रहे हैं.

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उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पहले कनाडा की आव्रजन (इमिग्रेशन) व्यवस्था इतनी सक्षम नहीं थी कि वह देश में आने वाले सभी लोगों की प्रभावी जांच-पड़ताल कर सके, जिसके कारण कई अपराधी भी कनाडा में प्रवेश करने में सफल रहे. हालांकि, उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के दौरान अमेरिका और कनाडा के बीच सीमा-पार सहयोग (क्रॉस-बॉर्डर कोऑपरेशन) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.

बता दें कि उज्जल दोसांझ ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी गोल्डी बरार पर कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े मामले में आरोप लगाए हैं. इस घटनाक्रम ने भारत-कनाडा संबंधों और खालिस्तानी नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

कनाडा के पूर्व मंत्री उज्जल दोसांझ ने कहा कि कनाडा दशकों से खालिस्तानी उग्रवाद और संगठित अपराध का अड्डा बनता गया, जहां अलगाववादी नेटवर्क धीरे-धीरे ड्रग्स तस्करी, वसूली और सुपारी हत्या जैसे अपराधों से जुड़ते चले गए. उन्होंने दावा किया कि इन नेटवर्कों के तार अमेरिका, कनाडा और यूरोप तक फैले हुए हैं तथा आज वे सीमाओं से परे काम करने वाले आपराधिक सिंडिकेट का रूप ले चुके हैं.

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